शाहबाद। किसान के गोली लगने से हुई मौत के मामले में पुलिस ने वीडियो और सुसाइड नोट के आधार पर हत्या की धारा को आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में बदल दिया है। हालांकि मृतक की बेटी ने सुसाइड नोट की प्रमाणिकता पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। बेटी का आरोप है कि सुसाइड नोट में लिखी गई राइटिंग उसके पिता की नहीं है।
मृतक की बेटी का कहना है कि उसके पिता एमटेक किए हुए थे और पढ़े-लिखे व्यक्ति थे। वह अपने पिता की लिखावट को अच्छी तरह पहचानती है। उसका दावा है कि पुलिस को मिले सुसाइड नोट की राइटिंग उसके पिता की राइटिंग से मेल नहीं खाती है। ऐसे में उसने सुसाइड नोट की जांच कराए जाने की मांग की है। बेटी ने बताया कि पुलिस उनके पिता के लिखे हुए कुछ नोट्स साथ ले गई है।
पुलिस ने किसान की मौत के मामले में पहले हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। जांच के दौरान पुलिस के सामने वीडियो और सुसाइड नोट आया। इनके आधार पर पुलिस ने हत्या की धारा को आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में बदल दिया और जांच को आत्महत्या के एंगल से आगे बढ़ाया जा रहा है। अब पुलिस के लिए सुसाइड नोट की राइटिंग की पुष्टि करना भी महत्वपूर्ण सवाल बन गया है। हालांकि सुरक्षा के लिहाज से पुलिस बल मुस्तैद है।
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वर्जन
सुसाइड नोट की राइटिंग को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जा रहा है। जांच के बाद ही पता लगेगा कि राइटिंग किसकी है। मामले की जांच गहनता के साथ की जा रही है। -देवकी नंदन, सीओ
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मोबाइल पर आई कॉल की जांच करे पुलिस
मृतक किसान की बेटी का कहना है कि जिस दिन उसके पिता को गोली लगी थी, उस दिन सुबह करीब 9:30 बजे एक कॉल आई थी। उसने वह कॉल किसकी थी, इसकी जांच कराने की मांग की है। बेटी ने गांव के ही दो लोगों पर शक जताया है।