रामपुर। कोसी नदी पर बने 44 साल पुराने पुल की हालत वाहनों की लगातार आवाजाही के चलते शुक्रवार को और अधिक खराब गई। बृहस्पतिवार को क्षतिग्रस्त हुए हिस्से को चिह्नित कर विभागीय अधिकारियों द्वारा लगाई गई बोरियों के ऊपर से वाहनों की आवागमन जारी रहा। जिससे पुल के लिंटर का आधे से ज्यादा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। शुक्रवार सुबह जब कर्मचारियों ने देखा तो क्षतिग्रस्त हिस्सा और चौड़ा हो चुका था। दोपहर बाद विभागीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। अधिकारियों ने शनिवार को पुल की मरम्मत का कार्य शुरू होने की बात कही। वहीं शुक्रवार शाम से भारी वाहनों का रूट डायवर्ट कर दिया गया है।
बृहस्पतिवार को दिल्ली से दढ़ियाल होकर नैनीताल जाने वाले महत्वपूर्ण मार्ग पर दढ़ियाल में कोसी नदी पर बना पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। सूचना पर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पुल का निरीक्षण किया और करीब डेढ़ फीट चौड़े क्षतिग्रस्त हिस्से को चिह्नित कर चारों ओर बालू से भरी बोरिया लगवा दी थीं। हालांकि पुल से वाहनों की लगातार आवाजाही बनी रही।
इस दौरान रात के समय लाइटों की चकाचौंध में बड़ी संख्या में वाहन बालू से भरे बोरों की अनदेखी करते हुए पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से से होकर गुजरते रहे। जिससे पुल की हालत और अधिक बिगड़ गई। वाहनों की लगातार आवाजाही से पुल का आधे से अधिक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। सुबह विभागीय कर्मचारियों ने स्थिति देखी तो उन्होंने क्षतिग्रस्त हिस्से के दोनों ओर ड्रम खड़े कर पुल के आधे हिस्से से वाहनों की आवाजाही बंद कराई।
कर्मचारियों ने पुल की स्थिति से विभागीय अधिकारियों को भी अवगत कराया। दोपहर बाद लोनिवि के सहायक अभियंता अब्दुल सत्तार और अवर अभियंता मोहम्मद आजम ने पुल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि शाम को दिल्ली की एक्सपर्ट टीम ने पुल का निरीक्षण किया। जिसके बाद उन्हाेंने मरम्मत के लिए हरी झंडी दी है। शनिवार को पुल की मरम्मत का कार्य शुरू किया जा सकता है।
हल्के वाहनों का जारी रहेगा आवागमन
लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता केवी सिंह ने बताया कि दिल्ली की एक्सपर्ट टीम ने निरीक्षण करने के बाद मरम्मत के लिए हरी झंडी दे दी है। शनिवार से पुल की मरम्मत का कार्य शुरू हो सकता है, जिसके लिए भारी वाहनों का स्वार-बाजपुर रोड पर डायवर्जन किया जाएगा। पुल पर दो पहिया और हल्के वाहनों का आवागमन जारी रहेगा। डायवर्जन के लिए पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता हो गई है। भारी वाहनों के लिए सात से 10 दिन तक रूट डायवर्जन चल सकता है।
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बदले मार्ग से गुजारे जा रहे भारी वाहन
स्वार। दढ़ियाल में मुरादाबाद-टांडा मार्ग पर 44 साल पुराना कोसी पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्जन लागू कर दिया गया है। हल्के वाहनों को वनवे करके बारी-बारी से पुल से गुजारा जा रहा है। वहीं बाजपुर दिशा से मुरादाबाद जाने वाले भारी वाहनों को वाया स्वार होकर निकाला जा रहा है। स्वार के मुंशीगंज तिराहे पर पुलिस व्यवस्था संभाले हुए है। कोतवाली पुलिस की पिकेट बाजपुर दिशा से टांडा और मुरादाबाद जाने वाले भारी वाहनों को वाया स्वार-रामपुर होकर निकाल रही है। वनवे ट्रैफिक व्यवस्था के कारण मुंशीगंज तिराहे पर वाहनों की लंबी कतार लगने से पर्यटकों को परेशानी हो रही है।