रामपुर। सपा नेता आजम खां पर दर्ज यतीमखाना बस्ती के एक मामले में गवाह से जिरह न करने पर कोर्ट ने सपा नेता आजम खां और रिटायर्ड सीओ आले हसन समेत चार पर पांच हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। अब इस मामले की सुनवाई चार जून को होगी।
सपा नेता आजम खां के खिलाफ 2019 में यतीमखाना बस्ती में रहने वाले लोगों ने बस्ती को खाली कराने के नाम पर लूटपाट, चोरी, मारपीट समेत अन्य धाराओं में गंज थाने में 12 मुकदमे दर्ज कराए थे। सपा नेता फिलहाल सीतापुर जेल में बंद हैं। यह सभी मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं।
शुक्रवार को सपा नेता आजम खां के अधिवक्ताओं को कोर्ट में पेश आंवला थानाध्यक्ष राजकुमार शर्मा से जिरह करनी थी, लेकिन अधिवक्ता ने स्थगन प्रार्थना पत्र दे दिया, जिस पर अभियोजन की ओर से विरोध किया गया।
कोर्ट ने सुनवाई के बाद सपा नेता आजम खां, रिटायर्ड सीओ आले हसन, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल और इस्लाम ठेकेदार पर पांच हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। अब इस मामले की सुनवाई चार जून को होगी। वहीं दूसरी ओर मुरादाबाद के इंस्पेक्टर जसपाल सिंह ग्वाल ने भी यतीमखाना बस्ती के एक अन्य मामले में अपने बयान दर्ज कराए। कोर्ट ने जिरह के लिए पांच जून की तारीख तय की है।
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