सीआरपीएफ आतंकी हमले की सुनवाई के लिए लखनऊ जेल में बंद आरोपी बुधवार को अदालत में पेश नहीं हो सके। हालांकि बरेली सेंट्रल जेल से आरोपियों को जरूर लाया गया था,लेकिन पीठासीन अधिकारी के न होने की वजह से सुनवाई नहीं हो सकी। लिहाजा अब इस मामले की अगली सुनवाई सात मई को होगी।
सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर पर 31 दिसंबर वर्ष 2007 की रात को आतंकी हमला हुआ था। आतंकी ग्रुप सेंटर में फायरिंग करते हुए घुस गए थे, जिसमें सात जवान शहीद हुए थे। होटल पर सो रहा एक रिक्शा चालक भी मारा गया था।
एसटीएफ, एटीएस और पुलिस ने इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिन पर अदालत में केस चल रहा है। लखनऊ और बरेली की सेंट्रल जेल में सभी आरोपी बंद हैं, जिनमें मोेहम्मद फारूख, सबाउद्दीन, इमरान शहजाद, फहीम अंसारी, गुलाब खां, कौसर खां, मोहम्मद शरीफ और जंगबहादुर शामिल हैं।
इस मामले में बुधवार को भी सुनवाई होनी थी, जिसके लिए बरेली की जेल में बंद आरोपी फहीम अंसारी, जंग बहादुर, मोहम्मद शरीफ, गुलाब खां और कौसर खां को पेशी के लिए लाया गया, लेकिन लखनऊ की जेल में बंद आरोपियों को नहीं लाया जा सका।
साथ ही बुधवार को पीठासीन अधिकारी भी नहीं थे ,इसकी वजह से सुनवाई नहीं हो सकी। सहायक शासकीय अधिवक्ता इरफान अहमद ने बताया कि बरेली की जेल में बंद पांच आरोपी आए थे, लेकिन लखनऊ की जेल में बंद आरोपी नहीं आ सके। इसलिए अब सुनवाई सात मई को होगी।