केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) भर्ती परीक्षा में नकल के केस की एफआईआर पुलिस ने नागपुर ट्रांसफर कर दी। इस केस की विवेचना में यह साबित हुआ था कि पेपर नागपुर से ही आउट हुआ है और उसके कुछ हल किए हुए सवाल रामपुर आए थे। इन्हें नागपुर सीआरपीएफ में तैनात कर्मी ने भेजा था। विवेचना में यह बातें सामने आने पर केस को नागपुर ट्रांसफर कर दिया गया है, अब आगे की विवेचना नागपुर पुलिस करेगी।
रामपुर में 23 अक्तूबर को सीआरपीएफ भर्ती के लिए लिखित परीक्षा देश भर में आयोजित की गई थी। जिले में 18 सेंटरों पर 19 हजार अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। इस दौरान कन्या इंटर कालेज खारी कुंआ परीक्षा केंद्र पर सीआरपीएफ के अफसरों ने छापा मारकर मोबाइल के जरिये दो छात्रों को नकल करते हुए पकड़ा था। पुलिस ने इनके खिलाफ आईटी एक्ट के साथ ही धोखाधड़ी का मुकदमा पंजीकृत किया था।
कोतवाली पुलिस ने मुरादाबाद जनपद के ठाकुरद्वारा क्षेत्र के शरीफनगर निवासी सुलेमान व इमरान को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। इनका मोबाइल जब्त करके फोरेंसिक लैब को भेजा था। लैब की रिपोर्ट के मुताबिक प्रश्नपत्र के बीस सवालों के हल मिले थे। विदेश मंत्रालय में लिपिक पद पर तैनात जावेद ने यह सवाल हल करके भेजे थे। जावेद भी शरीफनगर का ही रहने वाला था। पुलिस ने जावेद को भी गिरफ्तार करके जमानत पर छोड़ दिया था। उसने बताया कि शरीफनगर के ही सीआरपीएफ कर्मी वसीम, जोकि नागपुर में तैनात है, उसने यह सवाल उसे भेजे थे। वसीम को नागपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
इस मामले में नागपुर में भी पर्चा लीक होने की एफआईआर दर्ज हुई थी। विवेचना में पर्चा लीक नागपुर से होना साबित हुआ। इसलिए एक मामले की दो स्थानों पर एफआईआर दर्ज नहीं हो सकती, इसीलिए रामपुर कोतवाली में दर्ज एफआईआर को नागपुर ट्रांसफर करके भेज दिया गया है। विवेचक आरपी सिंह ने बताया कि अब इसकी विवेचना नागपुर पुलिस ही करेगी।