शरीयत बचाओ कांफ्रेंस में सुन्नी मसलक का हुजूम उमड़ पड़ा। इस्लामी नारों से किला का मैदान गूंज उठा। उलमाओं ने सरकार को चेताया कि जान दे देंगे पर शरीयत में दखलअंदाजी नहीं होने देंगे। शरीयत की हिफाजत के लिए लोगों में जज्बा भरने की कोशिश की। खबरदार दिया कि तीन तलाक का मसला तो एक बहाना है। इसकी आड़ में सरकार के नापाक इरादे छिपे हैं। बाद में राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा।
आल इंडिया जमात रजा-ए-मुस्तफा की जानिब और काजी-ए- शरआ सैयद शाहिद अली हसनी रजवी की सरपरस्ती में किला मैदान में शरीयत बचाओ कांफ्रेंस मुनक्किद की गई। कांफ्रेंस की तैयारी कई दिन से की जा रही थी। लिहाजा सोमवार को दिन निकलते ही सुन्नी मसलक के लोगों ने किला मैदान की तरफ रुख कर लिया।
शहर के लोग पैदल ही घरों से निकल पड़े। तहसीलों से भी लोग काफिले की शक्ल में कांफ्रेंस में पहुंचे। सुबह 11 बजे तक किला का पूरा मैदान भीड़ से खचाखच भर गया था। मैदान में जगह नहीं मिली तो सड़कों और गलियों में ही खड़े हो गए। उलमा ने सरकार को चेताया कि वह किसी भी हालत में शरीयत में दखलअंदाजी नहीं होंने दे। सरकार अपने नापाक इरादों को बदल दे। वरना, इसका अंजाम ठीक नहीं होगा।
पूर्व सांसद मौलाना गुलाम रसूल बलियाबी ने लोगों में जज्बात भरे। कई बार हाथ उठाकर कसम दिलाई कि इस्लाम और शरीयत की खातिर कुछ भी करने को तैयार हैं। इस्लामी नारों से पूरा माहौल गूंज उठाया। करीब तीन घंटे तक लोग इस्लामी नारे लगाते रहे।
मौलाना गुलाम रसूल बलियाबी ने कहा कि मुसलमान किसी सर्वे को नहीं मानेंगे। ला- कमीशन उनके लिए न बंदगी और न ही जिंदगी का मालिक है। उन्होंने प्रधानमंत्री की नीयत में खोट बताया। साथ ही नापाक इरादों से लोगों को आगाह किया। इस्लाम विरोधी हर ताकत से लड़ने की अपील की।
मध्य प्रदेश इनकाउंटर पर भी सवाल उठाए।
दिल्ली से तशरीफ लाए डा. सैयद फजरुल्लाह चिश्ती ने कहा कि मुसलमान शरीयत में दखलअंदाजी और कामन सिविल कोड को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि इसके पीछे केंद्र सरकार के नापाक इरादे हैं। हमें मुत्तहिद होकर हर नापाक कोशिश का मुकाबला करना चाहिए। संचानल हिफ्जुर्रहमान ने किया।