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आठ घंटे के ऑपरेशन के बाद वन विभाग की टीम ने पकड़ा मगरमच्छ

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पटवाई/शाहबार्द/रामपुर। बीते 17 दिनों से लुकाछिपी कर रहे मगरमच्छ को गुरुवार को वन विभाग की टीम ने पकड़ लिया। करीब आठ घंटे के ऑपरेशन के बाद ग्रामीणों के सहयोग से मगरमच्छ हाथ आ सका। वहीं, मगरमच्छ को देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। वन विभाग की टीम मगरमच्छ को रेंज ऑफिस ले आई, जहां से उसे जिले के बाहर छोड़ दिया जाएगा।
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17 दिन पूर्व सैफनी थाना क्षेत्र के किशनपुर गांव के रामगंगा घाट पर खेतों पर काम कर रहे किसानों को दस फीट लंबा मगरमच्छ दिखाई दिया। इससे ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। सूचना पाकर हल्का लेखपाल समेत वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई थी। टीम के काफी प्रयास के बाद भी मगरमच्छ हाथ नहीं आ सका था। लिहाजा, सैफनी क्षेत्र के ग्रामीण खौफजदा थे। ग्रामीणों ने गंगा पार खेतों पर जाना छोड़ दिया था। जिसके बाद बीते मंगलवार देर शाम को शाहबाद के रामगंगा घाट पर मगरमच्छ दिखाई दे गया था। मगरमच्छ को देखकर किसानों में हड़कंप मच गया था। राम गंगा पार पशुओं के लिए चारा लेने गए लोगों को ग्रामीणों ने शोर मचाकर सूचना दी थी। इसके बाद रामगंगा पार गए किसान भी रुक गए थे। राम गंगा घाट पर मगरमच्छ होने की सूचना आग की तरह आसपास के गांवो में फैल गई। मगरमच्छ को देखने के लिए लोगों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। लेकिन, तीसरे दिन गुरुवार सुबह सात बजे पटवाई क्षेत्र के मथुरापुर कला गांव में एक बार फिर मगरमच्छ नदी में दिखाई दे गया। नदी पार कर रहे ग्रामीणों ने जब मगरमच्छ को देखा तो हड़कंप मच गया और उनके होश उड़ गए। आनन-फानन में ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस मौके पर पहुंची। बाद में वन विभाग की टीम को सूचित किया गया। वन विभाग के डीएफओ राजीव कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे और गुरुवार सुबह नौ बजे से मगरमच्छ पकड़ने के लिए अपना ऑपरेशन शुरू कर दिया। टीम में मौजूद वन रेंजर नीरज जोशी, एक्सपर्ट सज्जन बहादुर सिंह, कर्मियों में सौरभ, मनोहर, सोहन और रमेश गिरी ने ऑपरेशन शुरू कर दिया। दोपहर को लगभग तीन बजे मगरमच्छ जाल में फंस गया। जाल में फंसते ही उसको ग्रामीणों की मदद से चारपाई डालकर दबोच लिया। इस दौरान वन विभाग की टीम ने सबसे पहले उसकी आंखों पर पट्टी बांधी और जबड़े को रस्सी से बांध दिया। बाद में उसके हाथ-पैर बांध दिए । बाद में ग्रामीणों की मदद से उसे बाहर निकाला गया। राम गंगा घाट से मगरमच्छ को चारपाई पर रखकर गांव तक लाया गया। इसके बाद वन विभाग की टीम उसे मंडी समिति स्थित रेंज दफ्तर ले ले आई। वन विभाग की टीम ने बताया कि मगरमच्छ को उच्चाधिकारियों के निर्देश पर किसी स्थान पर छोड़ जाएगा।
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