नीरज
की मौत के बाद उसके परिवार के लोगों को उसकी चारपाई पर राहुल की फोटो और एक
मोबाइल मिला था। पुलिस ने फोटो और मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया है।
ऐसी आशंका जताई जा रही है कि राहुल ने मोबाइल पर फोन करके नीरज को घर से
बाहर बुलाया था। उसकी हत्या करने के बाद उसके शव को उपलों में डालकर आग लगा
दी।
नीरज की मौत के कई घंटों बाद तक पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी गई। रूपम यादव
का कहना है कि उनके पास पुलिस को सूचना देने का कोई साधन नहीं था, जबकि
नीरज का मोबाइल उसकी चारपाई पर पड़ा हुआ था। ऐसा भी नहीं है कि गांव में
किसी के पास मोबाइल फोन नहीं है।
न तो परिवार के लोगों ने पुलिस को सूचना
दी और न ही किसी अन्य ने। 12 घंटे से भी ज्यादा समय तक इस घटना को दबाए रखा
गया। इसके अलावा परिवार के लोगों की चुप्पी ने भी पुलिस को परेशानी में
डाल दिया है। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है।
नीरज की हत्या के आरोप में पुलिस ने उसके प्रेमी राहुल के खिलाफ
मुकदमा तो दर्ज कर लिया है, लेकिन पुलिस दूसरे एंगल से भी इस मामले की
जांच कर रही है। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि बार-बार रोके जाने के बाद भी
नीरज का अपने प्रेमी राहुल से मिलना बंद नहीं हो रहा था।
ऐसे में उसकी
हत्या की कहीं अपनों ने तो नहीं की है। पुलिस इस नजरिए से भी तफ्तीश कर
रही है। पुलिस का कहना है कि अभी रूपम की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया
है। दूसरे पहलू की भी जांच की जा रही है। जलने के बाद नीरज की लाश रात भर खुले आसमान के नीचे पड़ी रही।
नीरज के आसपास लोगों का जमावड़ा जरूर लगा हुआ था, लेकिन उस पर किसी ने
कपड़ा ढंकना भी उचित नहीं समझा। मौत के बाद उसके शव की बेकद्री को लेकर भी
तरह-तरह की चर्चाएं रहीं। नीरज की मौत के बाद गांव वाले भले ही खुलकर कुछ बोलने को तैयार नहीं हो,
लेकिन इसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कोई कुछ कहा रहा है, तो कोई कुछ।