कोर्ट के आदेश के बाद भी केमरी पुलिस ने होमगार्ड की बेटी के अपहरण के मामले की रिपोर्ट काफी देर बाद दर्ज की। कोर्ट ने इसे अवमानना मानते हुए एसओ पर सौ रुपये का जुर्माना लगाया है। एसओ की चरित्र पंजिका में प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने के आदेश दिए हैं। मामला केमरी थाना क्षेत्र का है। गांव निवासी होमगार्ड का आरोप है कि उसकी बेटी का 29 जनवरी को गांव के तीन लोगों ने अपहरण कर लिया था।
तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। होमगार्ड ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने 10 मार्च को आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए। आरोप है कि केमरी पुलिस ने आदेश के बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। पीड़ित होमगार्ड ने 30 मार्च को कोर्ट में फिर प्रार्थना पत्र दिया। एसओ केमरी के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई करने की गुहार लगाई। कोर्ट ने पुलिस से रिपोर्ट तलब की।
पुलिस ने बताया कि 30 मार्च की शाम को ही उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। न्यायिक मजिस्ट्रेट हिमांशु कुमार सिंह ने एसओ केमरी राजेंद्र प्रसाद को 20 दिन देर से रिपोर्ट दर्ज करने का दोषी माना। उनके खिलाफ 29 पुलिस एक्ट का मुकदमा शुरू कर दिया। कोर्ट ने एसओ को अवमानना का दोषी मानते हुए कहा कि थानाध्यक्ष को विधि का ज्ञान नहीं है। थानाध्यक्ष पर सौ रुपये अर्थ दंड लगाया। कहा कि उनकी चरित्र पंजिका में अर्थदंड की प्रविष्टि दर्ज की जाए। एसपी और डीआईजी को भी पत्र लिखा है। कोर्ट ने आदेश का पालन एक माह के भीतर कराने को कहा है।