सैफनी की जमीनों का रिकार्ड गायब, जवाब तलब
रामपुर। जमीनों के रिकार्ड में हेराफेरी के मामले के साथ ही अब जमीनों का रिकार्ड गायब हो गया है। प्रशासन को न तो खेती का ही रिकार्ड मिल रहा है और न ही आवासीय क्षेत्र का। यहां तक कि पूरे कसबे का नक्शा भी गायब है। मामला संज्ञान में आने के बाद खलबली मच गई है। इस मामले में रिकार्ड रूम के कर्मचारियों से जवाब तलब किया गया है। मामले की रिपोर्ट डीएम को भेजी जा रही है।
रिकार्ड रूम में घपलेबाजी रुक नहीं पा रही है। निजी हो या फिर सरकारी जमीन। रिकार्ड में खूब खेल खेला जा रहा है,जिसको लेकर कई दफा घपलेबाजी भी सामने आई है। डुंगरपुर में उद्यान विभाग की जमीन का रिकार्ड गायब होने के बाद उसे निजी जमीन में दर्शाकर उसे बेच देने के मामले पिछले साल सामने आया था और अब रिकार्ड रूम से सैफनी का ही पूरा रिकार्ड गायब हो गया है। सैफनी की जमीनों का रिकार्ड गायब हो गया है। इसका खुलासा उस वक्त हुआ जब पिछले माह एक अधिवक्ता के माध्यम से किसी किसान ने अपनी जमीन का रिकार्ड मांगा था। रिकार्ड मांगने पर अभिलेखागार में उक्त जमीन के रिकार्ड को तलाशा गया,लेकिन बाद में पता यह चला कि सैफनी की जमीनों का रिकार्ड की पूरी फाइल ही गायब है। इसके साथ ही सैफनी का नक्शा भी गायब है। सैफनी का रिकार्ड गायब होने से खलबली मच गई। बताय जाता है कि रिकार्ड रूम में न तो खेती योग्य जमीन का रिकार्ड बचा और न ही आवासीय क्षेत्र का। इसके अलावा सैफनी कसबे का भी नक्शा भी गायब हो गया है। इसके बाद खलबली मच गई है। अभिलेखागार प्रभारी एवं सिटी मजिस्ट्रेट ओमप्रकाश ने इस संबंध में रिकार्ड रूम में तैनात दो महिला बाबूओं को नोटिस जारी करते हुए उनसे जवाब तलब किया है। इस कार्रवाई से खलबली मच गई है।