उत्तराखंड के सुल्तानपुर पट्टी कस्बे में एक ढाबे पर खाना खा रहे मसवासी पुलिस चौकी के सिपाहियों को खनन माफिया ने खींचकर जमकर पीटा और रायफलें छीनने की कोशिश की। इस दौरान ढाबे पर अफरा तफरी मच गई। सिपाहियों ने जैसे तैसे अपनी जान बचाई। पट्टी थाने की पुलिस के पहुंचने पर खनन माफिया भागे। सिपाहियों ने खनन माफिया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने तीन खनन माफिया को गिरफ्तार कर लिया है।
स्वार कोतवाली के कस्बा मसवासी के आसपास कोसी नदी में अवैध खनन तेजी से चल रहा है। पुलिस और प्रशानिक अधिकारियों के खनन रोकने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। पुलिस कर्मियों और खनन माफिया के बीच साठगांठ भी है। मसवासी चौकी पर तैनात पुलिस कर्मियों की भूमिका संदेह के दायरे में है। कुछ खनन माफिया से पुलिस की डील फिट नहीं होने पर रविवार की रात उत्तराखंड के कस्बा सुल्तानपुर पट्टी में एक ढाबे पर खाना खा रहे मसवासी चौकी में तैनात सिपाहियों को दौड़ाकर पीट लिया। रात लगभग एक बजे सिपाही विनोद कुमार गिल और अंकित कुमार पीपलिया स्थित सरदार ढिल्लन के ढाबे पर खाना खाने गए थे। जैसे ही सिपाही खाना खाने बैठे शस्त्रों से लैस आठ दस खनन माफिया होटल में घुस गए, और आते ही सिपाहियों से भिड़ गए।
एक सिपाही ने खनन माफिया पर जैसे ही रायफल तानी मामला बढ़ गया, दोनों पुलिस कर्मियों को पीट पीटकर दौड़ा लिया। खनन से जुड़े दबंग युवकों ने सिपाही से रायफल छीनने की कोशिश की तो होटल स्वामी कश्मीर सिंह निवासी पिपलिया बचाव में आ गया। सिपाही जान बचा कर भाग निकले काफी देर तक होटल में हुड़दंग होता रहा। पुलिस कर्मियों ने सुल्तानपुर पट्टी पुलिस चौकी पहुंच कर घटना से पुलिस को अवगत कराया। घटना के बाद पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गई। बाद में छह युवकों के खिलाफ नामजद तहरीर पुलिस को दी सभी खनन माफिया सुल्तानपुर पट्टी के बताए गए हैं। जिनमें तीन नामजद सलीम साकिर और मजीद को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सुल्तानपुर पट्टी चौकी इंचार्ज कुलदीप अधिकारी ने बताया कि अभी नामजद युवकों की गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है।