योगी राज का असर पीपली वन के तस्करों पर नहीं पड़ा है। वे लगातार कटान कर बेशकीमती लकड़ी की तस्करी कर रहे हैं। वन विभाग वन में हो रहे अवैध कटान को रोकने मेें नाकाम है। रविवार की रात्रि सोसायटी फार फारेस्ट इंवायरमेंट एजूकेशन कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों के सहयोग से वन से तस्करी कर डाक वाहन में भर कर ले जाई जा रही खैर की लकड़ी पकड़ लिया।
लकड़ी का वजन बीस क्विंटल थी जिसकी बाजार में कीमत लाखों रुपये बताई गई है। इस दौरान वन तस्कर और ग्रामीण आपस में भिड़ गए। ग्रामीणों को भारी पड़ता देख वन तस्कर वाहन छोड़ कर मौके से भाग गए। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। लकड़ी से भरे वाहन को अपने कब्जे में ले लिया।
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तहसील क्षेत्र के मिलकखानम स्थित पीपली वन की धरोहर लगातार समाप्त होती जा रही है। पीपली वन में करोड़ों रुपये की बेशकीमती लकड़ी मौजूद है। जिसकी सुरक्षा करने में वन विभाग नाकाम साबित दिखाई दे रहा है। रविवार की रात्रि वन तस्करोें ने पीपली वन से खैर की लकड़ी का कटान कर डाक वाहन में भर कर अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे। मामले की सूचना सोसायटी फार फारेस्ट इंवायरमेंट एजूकेशन के अध्यक्ष अहमद जान को लगी तो वह कार्यकर्ताओं सहित ग्रामीणों को एकत्र कर स्वार बिलासपुर मार्ग स्थित गांव माठखेड़ा पहुंच गये। और सामने से लकड़ी से भरे आ रहे वाहन की घेराबंदी कर ली। ग्रामीणों से अपने को घिरा देख वन तस्करोें ने वाहन रोक लिया। इस दौरान वन तस्करों व ग्रामीणों के बीच जमकर नोकझोंक शुरू हो गई। और ग्रामीणों ने वन तस्करों को दौड़ा लिया। जिससे वह वाहन छोड़ कर मौके से फरार हो गये।
सोसायटी के अध्यक्ष ने मामले की सूचना पुलिस अधीक्षक विपिन टाडा को दी। जिसपर उन्होंने मिलक खानम पुलिस को मौके पर पहुंच कर ग्रामीणोें का सहयोग कर लकड़ी से भरे वाहन को कब्जे में करने के निर्देश दिए। पुलिस खैर की लकड़ी से भरे वाहन को कब्जे में कर मिलक खानम थाने ले आई। और सूचना वन क्षेत्राधिकारी माजिद इब्राहीम को दी। जिसपर वन विभाग टीम थाने पहुंच गई। और वाहन में देखा तो खैर की लकड़ी के 34 गिलटे लगभग 20 क्विंटल लकड़ी मौजूद थी। जिसकी कीमत लाखों में बताई गई है। वन क्षेत्राधिकारी माजिद इब्राहीम ने बताया कि वन तस्करों को चिह्नित किया जा रहा है। उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।