सरकार भले ही बदल गई हो, लेकिन सिस्टम नहीं सुधरा। सरकारी तंत्र के कामकाज करने का तरीका भी नहीं बदला। इस स्थिति से किसी और को नहीं बल्कि यूपी में योगी सरकार में मिलक क्षेत्र से विधायक बनी राजबाला को भी रूबरू होना पड़ा।
सिर दर्द की शिकायत के बाद आधी रात में जिला अस्पताल में उनको इलाज नहीं मिला। डाक्टर ब्लड प्रेशर चेक करने के बजाय उन्हें सलाह दी गई कि चाय-कॉफी पिलाएं तो ब्लडप्रेशर सही हो जाएगा। बाद में जब उनका गनर पहुंचा तो खुलासा हुआ कि वह विधायक हैं, जिसके बाद इलाज देकर टरका दिया गया। विधायक के साथ कमी जिला अस्पताल के सीएमएस ने भी नहीं छोड़ी। सीएमएस ने भी विधायक के इलाज के लिए डाक्टर को उनके आवास तक नहीं भेजा। विधायक ने सीधे इस मामले की शिकायत प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह से की है।
विधायक का कहना है कि जब उनके साथ इस तरह का व्यवहार हुआ है तो आम मरीजों के साथ कैसा होता होगा?। रामपुर के जिला अस्पताल का भवन भले ही प्रदेश के गिने चुने बड़े अस्पतालों में गिना जाता हो, लेकिन यहां का सरकारी सिस्टम हमेशा से ही बिगड़ा रहा है। सपा सरकार में मंत्री रहते हुए आजम खां के निशाने पर कई दफा डाक्टर व सीएमएस तक आ चुके हैं। उनकी सख्ती के बाद अस्पताल प्रशासन अलर्ट रहता था,लेकिन इसके बाद भी सरकारी तंत्र नहीं सुधर रहा है। अभी भी डाक्टरों व सीएमएस तक पर सपा सरकार का हैंग ओवर चढ़ा हुआ है। इसका एक उदाहरण मंगलवार की रात के वक्त देखने को सामने आया। मिलक सुरक्षित सीट से भाजपा की विधायक राजबाला की अचानक तबियत बिगड़ गई। राजबाला को सिरदर्द की शिकायत हुई जिसके बाद विधायक के पति दिलीप लोधी ने सीएमएस को इस मामले की जानकारी दी और डाक्टर भेजने की बात कही,जिस पर सीएमएस ने किसी डाक्टर को उनके घर तक भेजने से इंकार कर दिया और अस्पताल पहुंचने की सलाह दी।
बाद में विधायक सीधे अस्पताल पहुंच गईं। आधी रात में अस्पताल पहुंची विधायक ने सिर दर्द बढ़ने और ब्लड प्रेशर बढ़ने की बात कही,जिसके बाद काफी देर तक तो डाक्टर ही नहीं पहुंचे। विधायक के मुताबिक अस्पताल के डाक्टर एचके मित्रा का काफी देर तक इंतजार किया और फिर इसके बाद जब वे पहुंचे तो उन्हें अपनी परेशानी बताई, जिस पर डाक्टर ने तो टेबलेट दी और न ही ब्लड प्रेशर चेक किया। डाक्टर गुटखा खाकर इधर-उधर घूमते रहे और उन्हें चाय काफी पीने की सलाह देते रहे। उन्हें आम मरीजों वाली बेंच पर ही बैठने को कह दिया गया। इस बीच उनका गनर यहां पहुंचा तो पता चला कि विधायक हैं। फिलहाल वह वापस लौट आईं। विधायक का कहना है कि अस्पताल में उनको इलाज नहीं मिला।