पॉलिथीन को लेकर शहर में पालिका द्वारा शुरू किए अभियान पर ब्रेक लग गया है। ईओ की तैनाती न होने से भी यहां पर यह अभियान नहीं चलाया जा पा रहा है। अभियान के नाम पर मुनादी कराकर ही औपचारिकता निभाई जा रही है।
प्रदेश सरकार द्वारा 15 जुलाई से पॉलिथीन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है,इसके बाद डीएम के आदेश के बाद निकायों में अभियान चलाया जाना था। रामपुर समेत कई निकायों ने सोमवार को अभियान चलाया,लेकिन न तो मंगलवार और न ही बुधवार को यह अभियान चलाया गया। पालिथीन का इस्तेमाल बुधवार को भी ठेलों से लेकर दुकानों तक पर होते हुए मिला। बाजारों में भी खुलेआम पालिथीन का इस्तेमाल ही नहीं हो रहा है,बल्कि यह पालिथीन नाले और नालियों तक में जा रहे हैं,जिससे नाले चोक हो रहे हैं।
बारिश में यही पालिथीन जलभराव की वजह बनेंगी। मगर, न तो पालिका को इससे कोई लेना देना है और न ही प्रशासन को। कुल मिलाकर यह अभियान रामपुर में पूरी तरह फ्लाप साबित हुआ है। अभियान न चलने के पीछे एक वजह यह भी है कि यहां पर ईओ की तैनाती नहीं है। ईओ की तैनाती न होने से जहां तमाम काम लटके पड़े हैं,वहीं दूसरी ओर अभियान भी लटक गया है। पालिका के कामकाज देख रहे कर अधीक्षक गणेश प्रसाद का कहना है कि अभियान एक बार फिर से चलाया जाएगा।
शाहबाद में अभी तक पॉलिथीन पर प्रतिबंध का असर नहीं दिख रहा है। मुख्य चौराहों पर जहां फल बेचने वाले अभी तक पॉलिथीन का प्रयोग कर रहे हैं। वहीं बुधवार को नगर में लगी साप्ताहिक पैठ में भी सब्जी विक्रेता दुकानदारों ने धड़ल्ले से पॉलिथीन में सब्जी बेची। इसके अलावा लोग दूध, चाय भी पॉलिथीन में ले जाते दिखे। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी भूपराम वर्मा ने बताया कि पॉलिथीन के दुष्प्रभावों को देखते हुए नगर को पॉलिथीन मुक्त बनाने के लिए नगर पंचायत प्रतिबद्ध है। नगर में पॉलिथीन की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।