रामपुर। बिजली चोरी करने वाला कोई व्यक्ति अगर स्वेच्छा से बिजली चोरी घोषित कर देगा तो उसके खिलाफ बिजली चोरी की एफआईआर नहीं कराई जाएगी। तीन महीने का समन शुल्क लेकर उसका कनेक्शन नियमित कर दिया जाएगा।
बिजली चोरी पकड़े जाने पर विभाग की ओर से चोरी करने वाले व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर तो कराई जाती है। साथ ही उससे दो साल तक का समन शुल्क और जुर्माना वसूला जाता है। जुर्माना और समन शुल्क न देने पर सजा का भी प्रावधान है। इसके बाद भी धड़ल्ले से बिजली चोरी हो रही है। बिजली चोरी रोकने के लिए बिजली विभाग ने कवायद शुरू की है। जिसके तहत स्वघोषित बिजली चोरी योजना शुरू की गई है। योजना के अनुसार अगर कोई व्यक्ति कटिया डालकर, मीटर टेंपर्ड करके या फिर किसी अन्य तरीके से बिजली चोरी करता है तो ऐसे व्यक्ति को विद्युत विभाग ने रियायत देने की घोषणा की है। योजना के तहत बिजली चोरी करने वाला व्यक्ति बिजली विभाग को आवेदन देकर चोरी को स्वघोषित कर कनेक्शन को नियमित कर सकता है।