भारतीय रिजर्व बैंक ने जिला सहकारी बैंक में 500 और 1000 के पुराने नोट बदलने पर पाबंदी लगा दी है। बैंक में जब नोट जमा नहीं किए गए तो लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। भीड़ बढ़ती देख पुलिस को सूचना दी गई। नगर मजिस्ट्रेट और पुलिस मौके पर पहुंच गई। बैंक अधिकारियों और पुलिस ने समझाकर लोगों को शांत किया। इसके बाद कनेक्टिविटी धोखा दे गई।
जिला सहकारी बैंक में कई दिन से 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट जमा किए जा रहे थे। पैसे जमा करने वालों की रोजाना भीड़ लग रही थी। कांग्रेस के स्थानीय नेता फैसल लाला का दावा है कि उन्होंने सहकारी बैंक द्वारा मंत्री आजम खां के जौहर ट्रस्ट के नोटों को नियमविरुद्ध बदलने की शिकायत आरबीआई से की थी। उनका कहना था कि आरबीआई ने 14 नवंबर को जिला सरकारी बैंक में पुराने नोटों के लेन-देन पर रोक लगा दी।
चूंकि बैंक को आदेश रात में मिले थे इसलिए लोगों को इसकी जानकारी नहीं हो सकी। लिहाजा, प्रतिबंधित नोट जमा करने के लिए लोग दिन निकलते ही बैंक पहुंच गए। बंद नोट जमा करने वालों की सुबह लंबी कतार लग गई। इतने में बताया गया कि डीसीबी में पुराने नोट जमा नहीं किए जाएंगे। यह सुनकर लोग हंगामा करने लगे।
कुछ ही देर में लोगों की भीड़ जमा हो गई। कुछ लोग हंगामा करते हुए बैंक में घुस गए। मामला बिगड़ता देखकर डीएम और पुलिस अधिकारियों को सूचना दी गई। नगर मजिस्ट्रेट और पुलिस मौके पर पहुंचेतो नेट कनेक्टिविटी भी धोखा दे गई।