रामपुर। खजुरिया थाने में मंगलवार को महिला सिपाही आरजू द्वारा थानाध्यक्ष राजीव कुमार को डंडा मारने के मामले की विभागीय जांच सीओ स्वार संगम कुमार को सौंपी गई है। सीओ स्वार अब इस मामले में महिला सिपाही के बयान दर्ज करेंगे। एसपी राजेश द्विवेदी महिला सिपाही को पहले ही निलंबित कर चुके हैं। खजुरिया थाने में तैनात महिला कांस्टेबल आरजू से सोमवार शाम साथी सिपाही अमृता भूषण किसी काम के लिए स्कूटी मांगकर ले गई थी। इस दौरान एक वाहन की टक्कर से स्कूटी क्षतिग्रसत हो गई थी। इसको लेकर दोनों महिला सिपाहियों में विवाद हो गया था। दोनों के विवाद में थानाध्यक्ष राजीव कुमार ने दखल दिया तो महिला सिपाही आरजू मुकदमा दर्ज कराने की जिद पर अड़ गई। आरोप है कि मामले में थानाध्यक्ष ने रिपोर्ट लिखने से इन्कार किया तो आरजू ने डंडा उठाकर थानाध्यक्ष पर हमला कर दिया था। इससे थानाध्यक्ष का हाथ जख्मी हो गया। सूचना पर सीओ बिलासपुर रवि खोखर मौके पर पहुंचे थे।
प्राथमिक जांच के बाद महिला सिपाही आरजू को एसपी ने सस्पेंड कर दिया था। साथ ही विभागीय जांच बैठा दी। इस मामले की जांच सीओ स्वार संगम कुमार को सौंपी गई है। सीओ अब इस मामले की जांच करेंगे। सीओ अब बृहस्पतिवार को महिला सिपाही के बयान दर्ज करेंगे।
खजुरिया थाने में महिला सिपाही द्वारा की गई हरकत पूरी तरह गलत है। महिला सिपाही को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही इस मामले की जांच सीओ स्वार को सौंप दी गई है। - राजेश द्विवेदी, एसपी
महिला सिपाही का वीडियो खूब हो रहा वायरल
महिला सिपाही आरजू द्वारा जारी किया गया वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इस पर लोग तरह-तरह के कमेंट भी कर रहे हैं। जिसमें पुलिस की आड़ में भेड़िये जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर पुलिस पर रुपये लेकर आरोपियों को छोड़ने का आरोप लगाया है।