शांतिपूर्ण ढंग से मतदान संपन्न होने के बाद देर शाम सपा प्रत्याशी अब्दुल्ला आजम और नवाब नवेद मियां के समर्थक आमने-सामने आ गए। नोकझोंक होने बाद नौबत मारपीट पर आ गई। सूचना पर भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। हंगामा कर रही भीड़ को पुलिस ने लाठियां भांजकर खदेड़ दिया गया। सूचना जिलाधिकारी सहित पुलिस अधीक्षक को मिली तो वह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए।
बुधवार को विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद स्वार-रामपुर-बाजपुर मार्ग इंटर कालेज के सामने एक-दूसरे पर की गई टिप्पणी के दौरान सपा-बसपा कार्यकर्ता आमने सामने आ गये। गाली गलौज होने के साथ ही नोकझोंक शुरू हो गई। इससे दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं की भीड़ लग गई और स्वार-रामपुर मार्ग अवरुद्ध हो गया। दोनों पार्टियोें के कार्यकर्ताओं में मारपीट की नौबत आ गई।
मामले की सूचना जैसे ही पुलिस को लगी तो पुलिस क्षेत्राधिकारी राधे श्याम, कोतवाल मनोज कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गये। और हंगामा कर रहे सपा कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया। लेकिन सपा कार्यकर्ताओं ने बसपा प्रत्याशी पुत्र हमजा मियां सहित उनके समर्थकों पर उनके साथ मारपीट करने का आरोप लगाते हुए पुलिस से धक्कामुक्की शुरू कर दी। लेकिन पुलिस ने दोनों पक्षों को खदेड़ दिया। वहीं बसपा कार्यकर्ताओं का आरोप था कि सपा कार्यकर्ताओं ने बसपा प्रत्याशी के बेटे हमजा मियां से अभद्र व्यवहार एवं जानलेवा हमला किया है। दोनों पक्षों के बीच तनातनी का माहौल देख मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया।
इस पर जिलाधिकारी अमित किशोर, पुलिस अधीक्षक के के चौधरी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गये और दोनों पार्टी समर्थकों की भीड़ को लाठियां भांज कर खदेड़वा दिया और कोतवाल को दोनों पार्टियों की ओर से हंगामा कर रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिेए।उधर स्वार पालिकाध्यक्ष शफीक अहमद अंसारी ने बताया कि बसपा प्रत्याशी के पुत्र ने सपा कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की है। डीएम एवं एसपी जांच कराकर बसपा प्रत्याशी पुत्र के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।