रामपुर। कोसी नदी पर बन रहे लालपुर पुल का निर्माण एक बार फिर रुक गया है। सरकार से धन जारी नहीं हो सका है। हालांकि, सेतु निगम की ओर से रिवाइज इस्टीमेट तैयार कर भेज दिया गया है। इसे मंजूरी मिलने और धन जारी होने के बाद ही काम शुरू हो सकेगा। जबकि, करीब तीन माह पूर्व खुद उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लालपुर पुल के निर्माण की शुरुआत कराई थी।
रामपुर और टांडा को जोड़ने वाला लालपुर पुल क्षेत्र के लोगों के लिए खास है। कोसी नदी पर अंग्रेजों के शासन में बना पुल काफी जर्जर हालत में था जिस वजह से यहां नए पुल को मंजूरी मिली थी। 2014 में भेजे गए पुल के इस प्रस्ताव पर शासन की मुहर 2016 में लगी थी। करीब दस करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले पुल के लिए तब सरकार ने करीब आठ करोड़ रुपये जारी कर दिए गए थे। इसके बाद पुल का काम शुरू हो गया था जो 2017 तक चला। तब तक जारी किया हुआ पैसा खर्च हो चुका था और शासन से शेष धनराशि जारी नहीं की जा सकी। ऐसे में पुल का काम अधर में ही लटका रहा। यह काम करीब चार साल से लटका हुआ है।
सेतु निगम के अफसरों की मानें तो पुल की ड्राइंग में भी परिवर्तन किया गया है जिस कारण पुल निर्माण पर खर्च होने वाला धन अधिक खर्च होगा। इसके अलावा चार साल का लंबा अंतराल हो गया। इसके चलते मैटेरियल के दामों में भी इजाफा हुआ है। लिहाजा, सेतु निगम की ओर से 35.52 करोड़ रुपये का नया प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया था। इस नए प्रस्ताव को अब तक मंजूरी नहीं मिल सकी है। इस कारण सेतु निगम को पुल का निर्माण अधर में ही रोकना पड़ा। यह हाल तब है जब 23 सितंबर 2020 को खुद उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने रामपुर आकर पुल का निर्माण शुरू कराया। तब उन्होंने पुल का पैसा शीघ्र ही जारी कराने की बात कही थी लेकिन धन जारी होना तो दूर पुल निर्माण का रिवाइज तक मंजूर नहीं हो सका है। ऐसे में पुल के निर्माण का पेंच फिर से फंस गया है।
क्या कहते हैं अधिकारी
- शासन को लालपुर पुल का रिवाइज इस्टीमेट भेजा जा चुका है। यह करीब 35.52 करोड़ रुपये का है। अभी इस्टीमेट को मंजूरी नहीं मिली है जिस वजह से पुल निर्माण का धन भी जारी नहीं हो सका है। इसी वजह से काम रोकना पड़ा है। जैसे ही इस्टीमेट को मंजूरी मिलेगी और धन जारी होगा, वैसे ही पुल का निर्माण फिर शुरू करा दिया जाएगा।
- डीके गुप्ता, सहायक अभियंता, सेतु निगम, रामपुर।