रामपुर। कलक्ट्रेट के कंट्रोल रूम के बाद स्वार के कंट्रोल रूम के फोन की घंटी बजी। कर्मचारी ने फोन उठाकर पूछा तो सामने से आवाज आई कि साहब हमारे यहां खल और चोकर खत्म हो गया है। शिकायत सुनने के बाद कर्मचारी ने कॉलर को मंगलवार तक समस्या का निस्तारण कराने का आश्वासन दिया। मंगलवार को सुबह ही ग्राम पंचायत सचिव को फोन आया कि चोकर और खल कहां पहुंचाना है, तो उन्हें बताया गया कि फोन डीएम ने कराया था।
कोरोना को लेकर लागू किए गए लॉकडाउन के दौरान लोगों की समस्याओं के निस्तारण के लिए प्रशासन की ओर से कलक्ट्रेट के साथ ही तहसीलों में कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। ऐसे में इन कंट्रोल रूम स्तर से समस्याओं का निस्तारण हो रहा है अथवा नहीं, ये खुद जिलाधिकारी जांच रहे हैं। अब जिलाधिकारी ने सोमवार की शाम को स्वार के कंट्रोल रूम को चेक कराने का कार्य किया, जिसमें उन्होंने अपने स्टेनों मनमोहन सिंह को फोन करने के लिए कहा। मनमोहन सिंह ने रामभरोसे बनकर फोन किया। कहा कि साहब, मेरे पशुओं के चारे के लिए खल और चोकर नहीं मिल पा रहा है। कृपया उपलब्ध कराएं, जिसके बाद कंट्रोल रूम से जवाब मिला कि मंगलवार तक समस्या का समाधान हो जाएगा। मंगलवार को सुबह होते ही ग्राम पंचायत के सचिव ने मनमोहन सिंह को फोन किया और पूछा कि आपको कहां खल और चोकर उपलब्ध कराना है। इतनी जल्दी रेस्पांस मिलने के बाद स्टेनो ने अपनी हकीकत बताई और कंट्रोल रूम को पास कर दिया। बाद में मामले की जानकारी डीएम को दी गई। डीएम आन्जनेय कुमार सिंह ने कंट्रोल रूम को और ज्यादा सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं।