पांच साल में धन दोगुना करके देने के लालच में फंसे सैकड़ों ग्रामीणों का करीब छह करोड़ रुपया समेट कर एक चिट फंड कंपनी रातोंरात फरार हो गई। कंपनी ने जो चेक जमाकर्ताओं को थमाए थे] वह बाउंस हो गए। चेक बाउंस होने पर जमाकर्ताओं के होश उड़ गए। जमाकर्ता और कंपनी के एजेंटों ने कंपनी संचालकों के खिलाफ कार्रवाई और पैसा वापस दिलाने की मांग को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर प्रदर्शन किया। एसपी ने सिविल लाइंस थाने को जांच कर रिपोर्ट के आदेश दिए हैं।
शहर में 30 से ज्यादा चिटफंड, रीयल एस्टेट, मल्टीपर्पज और सहकारिता कंपनियां चल रही हैं। कंपनी संचालक किसान औरग्रामीणों को धन दोगुना, जमीन, प्लाट और मकान का लालच देकर एफडी और आरडी कर रहे हैं। ऐसी ही एक चिटफंड कंपनी ने 2011 में राधा सिनेमा के निकट दफ्तर खोला था। कंपनी ने करीब 200 एजेंट बनाए।
एजेंट के जरिए कंपनी पांच साल तक किसान और ग्रामीणों से हर महीने पैसा जमा कराती रही। किसान और ग्रामीणों के जब करोड़ों रुपये ड्यू हो गए तो जमाकर्ताओं को फर्जी चेक थमाकर कंपनी रातों-रात फरार हो गई। एजेंट और जमाकर्ता सोमवार को एसपी दफ्तर पहुंचे और प्रदर्शन किया। उन्होंने एसपी को सारी बात बताई। एजेंट और जमाकर्तांओं का कहना था कि कंपनी करीब 6 करोड़ रुपये लेकर फरार हो गई।
ज्ञापन देने वालों में अभिकर्ता जुल्फे अली, वकील अहमद, जीनत बी, मुसर्रत, तंजीम खां, सुगरा, इकबाल खां, अफरोज जहां, रानी, हाजी रमजानी, लईक अहमद समेत तमाम लोग शामिल थे। कंपनी के अभिकर्ता मिलक बिचौला के जुल्फे अली ने बताया कि एसपी ने सिविल लाइंस पुलिस को जांच कर रिपोर्ट के आदेश दिए हैं।