रामपुर। जिला कारागार के फांसीघर की जमीन कब्जाने के मामले में मंगलवार को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) में सुनवाई हुई। सपा नेता आजम खां जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुए। अन्य कई आरोपियों के उपस्थित नहीं होने के कारण आरोप तय नहीं हो सके। अब मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी।
फांसीघर की जमीन कब्जाने के आरोप में गंज कोतवाली में 20 सितंबर 2019 को तत्कालीन नायब तहसीलदार कृष्ण गोपाल मिश्रा की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई थी। मामले में 37 लोगों को नामजद किया गया था। सभी पर फांसीघर की सरकारी जमीन की खरीद-फरोख्त का आरोप है।
नायब तहसीलदार ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि उक्त जमीन सरकारी होने के कारण उसकी बिक्री नहीं हो सकती थी, लेकिन कागजों में हेराफेरी कर कुछ लोगों ने जमीन बेच दी। जमीन खरीदने के बाद खरीदारों ने उस पर मकान भी बना लिए। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में जमीन बेचने और खरीदने वाले सभी लोगों को नामजद किया था।
विवेचना के दौरान पुलिस के अनुसार यह तथ्य सामने आए कि जमीन आजम खां के कहने पर खरीदी गई थी। पूछताछ में खरीदारों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने आजम खां के कहने पर ही जमीन खरीदी थी। इसी आधार पर चार्जशीट में आजम खां का नाम धारा 120-बी के तहत शामिल किया गया।
पुलिस ने विवेचना पूरी कर आजम खां समेत सभी 37 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। मंगलवार को सभी आरोपियों पर आरोप तय होने थे, लेकिन कई आरोपियों के कोर्ट में उपस्थित नहीं होने के कारण आरोप तय नहीं हो सके। इस दौरान आजम खां वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुए। अब मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी।