रामपुर। सावन माह के दूसरे दिन शहर के शिवालयों में हर-हर महादेव के जयघोष गूंजते रहे। सुबह से भक्तिमय माहौल के बीच श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भगवान शिव का जलाभिषेक किया। भक्तों ने दूध, दही, बेलपत्र, भांग और धतूरा अर्पित कर शिवलिंग का पूजन किया तथा सुख-समृद्धि की कामना की। देर शाम तक मंदिरों में पूजन-अर्चन का सिलसिला चलता रहा।
सुबह छह बजे से शिवालयों में घंटे-घड़ियाल बजने लगे और श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। प्राचीन भमरौआ स्थित पातालेश्वर महादेव मंदिर में भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर दूध, दही, बेलपत्र और धतूरा अर्पित किया तथा आरती की। सावन के दूसरे दिन यहां श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी।
मिलक स्थित प्राचीन रठौड़ा मंदिर में शिव चालीसा और आरती का पाठ किया गया। श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना की। पंजाब नगर स्थित नागेश्वर नाथ मंदिर में श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, दूध, दही और भांग अर्पित कर आरती की।
डायमंड कॉलोनी स्थित मढ़ैया नादरबाग के शिव एवं श्याम बाबा मंदिर में सुबह छह बजे से ही जलाभिषेक शुरू हो गया। यहां श्रद्धालुओं ने बेलपत्र, भांग और धतूरा अर्पित कर भगवान शिव की आरती की। सुबह और शाम दोनों समय मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही।
शहर के विभिन्न मंदिरों को रंगीन झालरों से सजाया गया था। मंदिरों में आकर्षक सजावट की गई। कोसी मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। महिलाओं ने भक्ति गीत और छंद गाए। देर शाम तक मंदिरों में पूजा-अर्चना का क्रम जारी रहा।