हजरत सैयद हबीब हसन शाह मियां की दरगाह में रौनक बढ़ती जा रही है। कई गांवों से चादरों के जुलूस निकले। अकीदतमंद चादरों के जुलूस के साथ दरगाह पर पहुंचे। उत्तराखंड, दिल्ली, बिहार, बंगाल के अकीदतमंदों ने दरगाह पर चादर और गुलपोशी की।
सींगनखेड़ा स्थित हजरत सैयद हबीब हसन शाह मियां की दरगाह पर चल रहे उर्स चौथे दिन बिलासपुर के टाहखुर्द, हकीमगंज, सींगनखेड़ा, देवीपुरा, बैजनी, बैजना और शहर के मुहल्ला पुरानागंज से अकीदतमंद दरगाह पर पहुंचे। जुलूस का खैरमखदम सज्जादानीश सैयद मोहम्मद यासीन मियां। सज्जादानशीन की इजाजत मिलने के बाद दरगाह पर चादरपोशी की गई। उत्तराखंड, दिल्ली, बिहार, बंगाल के अकीदतमंदों ने दरगाह पर चादरपोशी की। कव्वालों ने हजरत की शान में कलाम पेश किए। सुबह और शाम दरगाह पर लंगर भी लुटाया गया।
उर्स के मौके पर मेला भी लगाया गया है। मेले में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इस मौके पर सज्जादानशीन सैयद हसीन मियां, नईम मियां, कल्लन ठेकेदार, मकसूद, कमर अली, मुजीबुल हक , अब्दुल हक, हिदायत अली, अफसर अली, जमीर अहमद, जाहिद अली, मौलाना अहमद नबी, जुम्मा, लड्डन मुनीम, कासम अली भी थे।