इंदिरा आवासों में घपला और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में स्वार ब्लाक मेें तैनात रहे क्लर्क पर लोकायुक्त में मुकदमा दायर किया है। लोकायुक्त के आदेश पर तीन अधिकारियों की जांच कमेटी गठित कर दी है। कमेटी ने जांच शुरू कर दी है। क्लर्क का साक्ष्य सहित जवाब तलब किया है।
2015-16 में जिले भर में 3010 इंदिरा आवासों का निर्माण कराया गया था। लेकिन, आवासों के निर्माण में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया गया था। मामला सुर्खियों में आने पर सीडीओ ने जांच कराई तो स्वार समेत 750 आवासों का घपला पकड़ में आया। ब्लाक कर्मियों ने गरीबों की आईडी पर पैसे वालों के आवास बनवा दिए। लेकिन, आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। सबसे ज्यादा घपला स्वार ब्लाक में किया गया था। रोशनबाग निवासी विशाल ने स्वार में तैनात रहे क्लर्क शाहिद के खिलाफ लोकायुक्त में मुकदमा दायर किया है।
आरोप लगाया है कि क्लर्क उर्दू अनुवादक है और उसे स्वार ब्लाक में तैनाती के दौरान इंदिरा आवास का भी पटल दिया गया था। आरोप है कि क्लर्क ने सुविधा शुल्क वसूल कर अपात्रों का भी चयन कर लिया। आय से ज्यादा संपत्ति भी अर्जित कर ली है। लोकायुक्त ने जिला प्रशासन को जांच के आदेश दिए हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने जांच कमेटी बना दी है।