रामपुर। सिविल लाइंस थाने के सिपाही और उसके साथियों ने लस्सी के रुपये मांगने पर लस्सी विक्रेता के साथ मारपीट कर दी। मामले की जानकारी होने पर व्यापारियों ने रोष व्यक्त किया था। इसके विरोध में व्यापारी एकत्र हो गए और पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की। मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस अधीक्षक ने एक सिपाही को लाइन हाजिर करने के साथ ही मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में गन्ना समिति की दुकानों में फेमस लस्सी के नाम से शहाबुद्दीन की दुकान है। बुधवार की रात दो पुलिस वाले उनकी दुकान पर पहुंचे तब वह दुकान बंद कर घर जाने की तैयारी में थे। इस दौरान पुलिस वालों ने लस्सी मांगी। आरोप है कि लस्सी पीने के बाद रुपए मांगे तो दुकानदार से कहासुनी हो गई। इसके बाद दुकानदार को लात घूसों से बुरी तरह पीटा। लोहे की करछी से हमला कर घायल कर दिया। आसपास के दुकानदारों ने विरोध जताया तो पुलिस वालों ने अपने चार और साथियों को बुला लिया।
गुरुवार सुबह मामले की जानकारी व्यापार मंडल को हुई तो व्यापारियों ने घटना का रोष व्यक्त किया। बाद में व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष शैलेंद्र शर्मा व्यापारियों के साथ पुलिस अधीक्षक से मुलाकात करने पहुंच गए। वहां व्यापारियों ने घटना की जानकारी पुलिस अधीक्षक को दी। मामले की जानकारी होने पर पुलिस अधीक्षक ने सिपाही संजीव को तत्काल लाइन हाजिर करने के आदेश दिए, जबकि मामले की जांच कर दूसरे आरोपों का भी पता लगाने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही। उन्होंने व्यापारियों को आश्वासन दिया कि आगे से भविष्य में ऐसी कोई घटना नहीं होगी। अन्य दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने मामले की जांच सिविल लाइंस थाना प्रभारी लव सिरोही को सौंपी है।
व्यापारियों ने लस्सी विक्रेता के साथ सिपाही और उसके साथियों द्वारा मारपीट की जानकारी दी थी। मामले में जांच के आदेश दिए है। इसके साथ ही एक सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया गया है। लोगों के साथ गलत व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। - अशोक कुमार, पुलिस अधीक्षक, रामपुर