रामपुर। ऑनलाइन शॉपिंग का चलन तेजी से बढ़ने के कारण हर महीने शहर के दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ रहा है, इसमें कपड़ा, इलेक्ट्राॅनिक्स, कॉस्मेटिक्स समेत अन्य घरेलू सामान के व्यापारी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। हर महीने व्यापारियों को दस करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
शहर में कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स, फुटवियर, कॉस्मेटिक्स की करीब डेढ़ हजार दुकानें हैं। शहर के बाजार नसरुल्ला खां, शादाब मार्केट, मिस्टन गंज, बर्तन बाजार, ज्वाला नगर समेत अन्य बाजारों में पहले ग्राहकों की भीड़ लगी रहती थी, लेकिन अब सड़कों और दुकानों में पहले जैसी रौनक नहींं दिखती। लोग अब बाजारों में जाने के बजाय मोबाइल पर ही अपनी जरूरतों की खरीदारी कर लेते हैं जिससे बाजारों में ग्राहक कम होते जा रहे हैं।
उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष शैलेंद्र शर्मा ने बताया कि पिछले पांच साल में ग्राहकों की संख्या घटकर आधी हो गई। आज के दौर में छोटे व्यापारी मंदी से परेशान हैं। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के रामपुर चैप्टर के चेयरमैन श्रीष गुप्ता बताते हैं कि करीब पांच साल पहले छोटे दुकानों पर प्रतिदिन 20 हजार रुपये की बिक्री और बड़े दुकानों पर करीब दो लाख रुपये की बिक्री होती थी। ऑनलाइन शॉपिंग के कारण अब दुकानदारों की बिक्री 30 प्रतिशत कम हो गई है। ऑनलाइन शॉपिंग के कारण कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स, फुटवियर और घरेलू सामान की बिक्री पर असर पड़ा है। बड़े ई-कामर्स प्लेटफार्म पर डिस्काउंट और ऑफर के कारण ग्राहक बाजारों की बजाय ऑनलाइन खरीदारी को प्राथमिकता दे रहे हैं। इससे दुकानदारों को न केवल आर्थिक नुकसान हो रहा है बल्कि उनका काम भी प्रभावित हुआ है।
आलू से लेकर ज्वैलरी तक हो रही ऑनलाइन शॉपिंग
- ऑनलाइन खरीदारी की ओर ग्राहकों का झुकाव बढ़ता जा रहा है। लोग आलू, प्याज से लेकर कपड़ा, ज्वैलरी तक ऑनलाइन खरीद रहे हैं। आदर्श काॅलोनी निवासी प्रीति खनेजा ने बताया कि अब मोबाइल से खरीदारी करना न केवल आसान हो गया है बल्कि समय और पैसे दोनों की बचत होती है। ऑनलाइन प्लेटफार्म पर ब्रांडेड कपड़े, जूते, इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू सामान आसानी से उपलब्ध होते हैं।
किस क्षेत्र में कितना नुकसान
- इलेक्ट्रानिक्स व्यापार- चार करोड़ रुपये
- कपड़ा व्यापार- दो करोड़ रुपये
- कॉस्मेटिक्स व्यापार- डेढ़ करोड़ रुपये
- फुटवियर व्यापार- एक करोड़ रुपये
- गिफ्ट व्यापारी- पचास लाख रुपये
- खाद्य व अन्य सामग्री- 75 लाख रुपये
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रोजाना शहर में आते हैं 8-10 कंटेनर सामान
- उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष शैलेंद्र शर्मा बताते हैं कि ऑनलाइन बिक्री के लिए रोजाना शहर में 8-10 कंटेनर सामान लाए जाते हैं। ऑनलाइन सामान बेचने के लिए 500 से 700 कर्मचारी हैं। इनके माध्यम से रोज करीब एक करोड़ रुपये के सामान बेच दिए जाते हैं।
अब व्यापार करना आसान नहीं है। ऑनलाइन कंपनियों द्वारा ग्राहकों को भारी छूट और कैशबैक की सुविधा देने से बाजार में ग्राहकों की संख्या कम हो गई है। बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है।- अनिल अग्रवाल- जिलाध्यक्ष उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल
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ऑनलाइन एवं मॉल व्यापार संस्कृति ने फुटकर व्यापारियों के कारोबार को 35 प्रतिशत पर ला खड़ा किया है। लगभग 65 प्रतिशत फुटकर व्यवसायी अपनी पूंजी गवां रहे है, बैंक के कर्जे बढ़ रहे हैं। सरकार इस पर चुप्पी साधे है। सरकार सोच रही है कि ऑनलाइन व्यापार से जीएसटी पूरी आ रही है। व्यापारिक संगठन कोई बड़ा आंदोलन नहीं कर पा रहे, क्योंकि व्यापारिक संगठन बांट दिए गए हैं। अगर इस पर शीघ्र ही कोई कदम नही उठाया गया तो समाज में अव्यवस्था फेल सकती है
श्रीष गुप्ता- चेयरमैन आईआईए
रामपुर में हर माह तीन सौ करोड़ का होता है कारोबार
रामपुर। रामपुर में ऑनलाइन कारोबार तीन सौ करोड़ रुपये का है। आईआईए के चेयरमैन श्री गुप्ता के मुताबिक रामपुर में तीन सौ करोड़ रुपये का हर माह ऑनलाइन कारोबार किया जाता है। यह विभिन्न सेक्टरों में विभाजित किया जाता है।
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