रामपुर। वर्ष 2022 की बाढ़ में 50 लाख रुपये का प्लांट गंवाने वाले नाजिम ने सरकारी योजना के सहारे फिर कारोबार खड़ा कर लिया। मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत पत्नी सादिया रईस के नाम 9.5 लाख रुपये का ऋण लेकर रामलीला ग्राउंड स्थित श्मशान घाट रोड पर ई-रिक्शा निर्माण की यूनिट शुरू की। अपनी पूंजी मिलाकर करीब 1.25 करोड़ रुपये का निवेश किया। अब यूनिट में 20 से 25 स्थानीय कारीगरों को रोजगार मिल रहा है।
नाजिम पहले वेस्टर्न ऑटो प्लास्टिक पार्ट्स नाम से प्लांट चलाते थे। यहां बाइक के वाइजर, मडगार्ड और अन्य ऑटो पार्ट्स तैयार कर कंपनियों को सप्लाई किए जाते थे। वर्ष 2022 की बाढ़ में मशीनरी और कच्चा माल डूबने से 50 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। कारोबार बंद होने के बाद परिवार आर्थिक संकट में आ गया। इसके बाद नाजिम ने इलेक्ट्रिक वाहन के कारोबार में कदम रखा।
नई यूनिट में ई-रिक्शा की चेचिस, बॉडी, वेल्डिंग, सीट और वायरिंग का काम किया जाता है। मोटर और कंट्रोलर अधिकृत कंपनियों से लिए जाते हैं। तैयार वाहनों को गुरुग्राम स्थित इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी से मंजूरी मिली है।
नाजिम के मुताबिक, पिछले एक साल में 40 से अधिक आरटीओ पंजीकृत ई-रिक्शा बेचे जा चुके हैं। 20 वाहन तैयार खड़े हैं। मांग के अनुसार हर महीने 10 से 30 ई-रिक्शा तैयार किए जाते हैं। कारोबार से सालाना करीब ढाई से तीन लाख रुपये की आय हो रही है। इससे बच्चों की पढ़ाई और परिवार का खर्च चल रहा है।
अब नाजिम 8-सीटर एल-5 मॉडल तैयार करने की तैयारी में हैं। इसके लिए करीब 30 लाख रुपये की अतिरिक्त पूंजी चाहिए। उनका कहना है कि आर्थिक मदद मिलने पर उत्पादन बढ़ेगा और स्थानीय युवाओं को और रोजगार मिल सकेगा।