वेतन को लेकर शिक्षामित्रों ने शनिवार को तेवर तल्ख कर लिए। उन्होंने बीएसए दफ्तर में ताले डाल दिए और कर्मचारियों को दफ्तर में ही कैद कर दिया। इसके बाद उन्होंने धरना शुरू कर दिया। दिनभर चले धरने के बाद शाम को बीएसए मौके पर पहुंचे और वेतन को लेकर हाथ खड़े कर दिए। इस पर शिक्षामित्रों में मायूसी छा गई।
अफसरों ने अपनी मजबूरी बताते हुए किसी तरह उनको धरने से उठाया। देर शाम तक बीएसए दफ्तर छावनी में तब्दील रहा। शिक्षामित्रों का समायोजन रद के बाद उनका वेतन अटका हुआ है। वेतन की मांग को लेकर जिलेभर के शिक्षामित्र शनिवार की सुबह से ही बीएसए दफ्तर पहुंचना शुरू हो गए।
इस दौरान उन्होंने बीएसए दफ्तर के मुख्य गेट पर ताला बंद कर दिया। इसमें कई कर्मचारी दफ्तर के भीतर ही बंद हो गए। इसके बाद शिक्षामित्रों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। दफ्तर में ताला लगाने की जानकारी मिलने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट मदन गर्बियाल मय फोर्स के यहां पहुंच गए और शिक्षामित्रों को समझाया।
काफी देर समझाने के बाद दोपहर करीब एक बजे शिक्षामित्रों ने दफ्तर का मुख्य गेट खोल दिया, लेकिन गेट पर ही धरना भी देते रहे। इससे दफ्तर का कामकाज पूरी तरह ठप रहा। शाम करीब छह बजे बीएसए एसके तिवारी नगर मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी आले हसन के साथ मय फोर्स के धरना स्थल पहुंचे।
लेकिन उन्होंने शिक्षामित्रों को निराश किया। बीएसए ने शिक्षामित्रों को बताया कि हाईकोर्ट व शासन ने वेतन को लेकर कोई आदेश नहीं दिया है, जिसकी वजह से वह मजबूर हैं। बीएसए ने भरोसा दिलाया कि वह शिक्षामित्रों के प्रति सहानुभूति रखते हैं। इसलिए उनकी मजबूरी को समझा जाए। जब भी वेतन को लेकर कोई आदेश आएगा उसके तुरंत बाद वेतन जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद शिक्षामित्रों में निराशा फैल गई।
हालांकि अफसरों के आश्वासन के बाद धरना स्थगित कर दिया गया है। इस मौके पर आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सैयद जावेद मियां, प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह मौर्य, अवधेश मिश्रा, महीपाल सिंह, राजेश कुमार, होरी लाल सैनी के साथ ही प्राथमिक शिक्षक संघ के मंडलीय प्रवक्ता डा.राजवीर सिंह आदि मौजूद रहे।