रामपुर। जिला अस्पताल में पिछले आठ माह से शव वाहन नहीं है। पोस्टमार्टम के बाद मृतकों के परिजनों को शव घर ले जाने के लिए निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। वाहनों की मरम्मत के लिए विभाग की ओर से एस्टीमेट बनाकर भेजा गया है।
पिछले साल जून में बिहार से शव पहुंचाकर वापस आ रहा शव वाहन बरेली के झुमका चौराहे के पास बाईपास पर पलट गया था। हादसे में चालक घायल हो गया था। तब से अब तक जिला अस्पताल में शव वाहन नहीं है। क्षतिग्रस्त शव वाहन को जिला अस्पताल परिसर में खड़ा कर दिया गया है।
वहीं, करीब डेढ़ वर्ष पहले एक और शव वाहन का एक्सीडेंट हो गया था, जो अस्पताल में टिनशेड के नीचे खड़ा है। सड़क हादसे में क्षतिग्रस्त वाहनों को सही नहीं कराया गया। इसका खामियाजा जिले की जनता को भुगतना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में शव वाहन नहीं होने से मृतकों के परिजनाें को निजी एंबुलेंस या फिर निजी वाहनों को किराये पर लेना पड़ता है।
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जिला अस्पताल के दोनों शव वाहन खराब हैं। पोस्टमार्टम के बाद अगर किसी को शव वाहन की जरूरत होती है तो उसे सीएओ कार्यालय में खड़े शव वाहन को उपलब्ध करा दिया जाता है। खराब शव वाहनों की मरम्मत के लिए एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा गया है। उम्मीद है जल्द ही जिला अस्पताल को शव वाहन मिल जाएगा। -डॉ. दीपा सिंह, सीएमओ