कहा कि प्रसव पीड़ा होने पर एक गरीब महिला अस्पताल पहुंची। अस्पताल की एक डाक्टरनी ने महिला को यह कहकर टाल दिया कि फिर आना। राज्यसभा सांसद की सिफारिश पर भी महिला का आपरेशन नहीं किया तो उन्हें लखनऊ से रामपुर आना पड़ा। बाद में सांसद, मंत्री और डीएम के सिफारिश पर डाक्टरनी ने महिला का आपरेशन किया। बोले, ऐसे खराब सिस्टम पर शर्म आती है।
उधर, सिटी मजिस्ट्रेट मदन सिंह गर्ब्याल का कहना है कि सीएमओ को मामले में जांच कराके प्रसव की व्यवस्था महिला अस्पताल में ही कराने के निर्देश दिए गए हैं।
अव्यवस्थाएं हावी ः जिला महिला व पुरुष अस्पताल में अव्यवस्थाएं हावीहोती जा रही हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं को प्रमुखता पर रखने वाले कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खां भी अब अस्पताल में अव्यवस्थाओं को लेकर खुले मंच से नाराजगी जता रहे हैं। इन सबके बावजूद हालात सुधरते नहीं दिख रहे हैं। डाक्टरों की कमी और गर्भवती की हालत गंभीर बताते हुए महिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को रेफर किया जा रहा है।
अजीमनगर थाना क्षेत्र की एक गर्भवती के प्रसव को लेकर महिला अस्पताल प्रशासन व डाक्टरों द्वारा किए गए ऐसे ही व्यवहार पर कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खां ने अस्पताल पहुंचकर नाराजगी जताई थी। इसके बाद बुधवार को एक अन्य गर्भवती को प्रसव के लिए घंटों परेशान होना पड़ा। बिलासपुर क्षेत्र की शाजिया को परिजनों ने प्रसव के लिए बुधवार को महिला अस्पताल में भर्ती कराया। परिचितों के मुताबिक महिला अस्पताल में शाजिया की हालत गंभीर और सर्जन की कमी का हवाला देते हुए रेफर किए जाने लगा। ऑन कॉल चिकित्सक को बुलाया गया तो उन्होंने अपनी तबियत खराब होने का हवाला देते हुए अस्पताल आने में असमर्थता जता दी।
समस्या का हल न होने पर सिटी मजिस्ट्रेट मदन सिंह गर्ब्याल से बात कर पूरी जानकारी दी। सिटी मजिस्ट्रेट ने सीएमओ-सीएमएस को प्रसव कराने व समुचित उपचार के निर्देश दिए। इस पर एक अन्य महिला चिकित्सक को बुलाकर शाजिया का प्रसव कराया गया। मरीजों का आरोप है अस्पताल में बाहर के मेडिकल स्टोर की दवाएं लिखी जाती हैं।