रामपुर। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी ने ड्रेस के कपड़े की सप्लाई करने वाले ठेकेदार का करीब पचास लाख रुपये का भुगतान लटका दिया है। आरोप है कि उनका भुगतान जानबूझकर लटकाया गया है। ठेकेदार ने बीएसए पर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से शिकायत की है और एसआईटी से जांच कराने की मांग की है।
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षण सत्र 2020-21 के बच्चों की ड्रेस बनवाई गई है। रामपुर में जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह के आदेश के बाद ड्रेस की सिलाई कराने का काम स्वयं सहायता समूह से कराया गया है, ताकि समूह से जुड़े लोगों को रोजगार मिल सके। जबकि, ड्रेस के कपड़े की सप्लाई का काम फर्मों को दे दिया गया था। अग्रवाल ट्रेडर्स एंड जनरल सप्लायर को भी यह काम दिया गया था। इस पर ठेकेदार ने कई समूहों को ड्रेस का कपड़ा सप्लाई किया, जिसकी प्राप्ति रसीद भी हैं। ठेकेदार संदीप अग्रवाल का आरोप है कि बीएसए ने अन्य फर्मों का भुगतान करवा दिया, जबकि अग्रवाल ट्रेडर्स एंड जनरल सप्लायर को भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने जांच कराने की मांग की है। वहीं, बीएसए ऐश्वर्या लक्ष्मी का कहना है कि आरोप गलत हैं।