रामपुर। ताऊते चक्रवात के कारण हुई बारिश के साथ ही मौसम में नमी बढ़ गई है। गुरुवार को आर्द्रता 90 फीसदी से अधिक तक पहुंच गई। इसके अलावा तमाम घरों में भी बारिश के बाद सीलन की समस्या हो गई है। वातावरण से लेकर घरों में बढ़ी नमी ब्लैक फंगस के खतरे को भी बढ़ा सकती है। खासतौर से कोरोना से रिकवर हुए लोगों को नमी से बचने की बेहद की जरूरत है। चिकित्सकों के अनुसार मास्क प्रयोग से लेकर ऑक्सीजन सिलिंडर के प्रयोग तक में इस समय सावधानी बरतने की जरूरत है।
सेहतमंद व्यक्ति को नमी से कुछ खास असर नहीं पड़ेगा लेकिन, जो लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आकर सेहतमंद हो चुके हैं या जो कोरोना संक्रमित होम आइसोलेशन में हैं उन्हें नमी से बचने की जरुरत है। चिकित्सकों के अनुसार शुगर के रोगियों, कोरोना संक्रमित व संक्रमण से सेहतमंद हो चुके लोगों को इस मौसम में सावधानी बरतने की जरुरत है। साथ ही स्टेरॉयड का प्रयोग भी अनियंत्रित और बिना चिकित्सीय परामर्श के न करें। शुगर के रोगियों जिनकी प्रतिरोधक क्षमता कम हो गई है उन्हें संक्रमण का खतरा अधिक होता है।
नाक, कान गला रोग विशेषज्ञ ईएनटी डॉ. नितिन कुमार बताते हैं कि कोरोना से सेहतमंद लोगों, होम आइसोलेशन में रह रहे संक्रमितों और शुगर के मरीजों को नमी से बचने की जरुरत है। ऐसे मरीज पुराना मास्क प्रयोग न करें और अधिक देर तक मास्क लगाने से मास्क पर नमी आने के बाद भी उसका प्रयोग न करें और बदल लें। इसके साथ ही कभी-कभी ऑक्सीजन सिलिंडर में डिस्टिल वाटर की जगह साधारण पानी का भी प्रयोग किया जाता है, जिससे नमी का स्तर गड़बड़ा जाता है और समस्या हो सकती है। डॉ. नितिन ने बताया कि नमी के कारण ब्लैक फंगस का खतरा बढ़ जाता है, लिहाजा सावधानी बरतें।