आनलाइन इंतजाम के बावजूद जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र हासिल कर पाना आज भी आसान नहीं हो सका। कभी खुद तो कभी किसी अन्य आवेदक की कमी समय से प्रमाण पत्र पाने में बाधक बन रही है।
जनसेवा केंद्र से आनलाइन आवेदन, जांच व जारी होने की प्रक्रिया के साथ नगर पालिका में अवकाश, संसाधनों की कमी को रोना आवेदक तक प्रमाण पत्र पहुंचने की राह में बड़ी बाधा है। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रक्रिया की इन बाधाओं पर अमर उजाला ने फोकस किया तो कई वजहें सामने आईं।
50 आवेदन पूरे होने पर ही मिलेगा प्रमाण पत्रः ऑनलाइन आवेदन में एक बार में 50 आवेदन नगर पालिका में डाउनलोड किए जाते हैं। इनकी जांच सेनेटरी इंस्पेक्टर को करनी होती है। फार्म सही भरा है या नहीं इसकी जांच जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र कार्य से जुड़े लिपिक करते हैं। जांच में एक भी फार्म गलत भरा है अथवा स्थलीय जांच में वह मौके पर नहीं मिला तो अन्य 49 आवेदनों की प्रक्रिया भी रुकी रहती है। वजह पालिका ने एक बार में 50 आवेदनों को पूर्ण कर प्रमाण पत्र जारी करने का नियम बनाया है।