शाहबाद। करेथी गांव में 15 अगस्त को तिरंगा यात्रा के दौरान ‘जय भीम’ का नारा लगाने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब बेहद गरमा चुका है। एक पक्ष की ओर से करणी सेना की पंचायत और ज्ञापन दिए जाने के बाद अब भीम आर्मी ने भी 23 अगस्त को करेथी गांव में महापंचायत करने की तैयारी शुरू कर दी है। भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष सुनील सागर समेत संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता महापंचायत की तैयारियों में जुटे हैं।
बताया जा रहा है कि भीम आर्मी की ओर से महापंचायत के लिए तहसीलदार के यहां अनुमति मांगी गई है। भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष सुनील कुमार सागर और संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि वह इस मामले में आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। उनका कहना है कि प्रशासन अनुमति दे या न दे, 23 अगस्त को हर हाल में महापंचायत की जाएगी। महापंचायत में संगठन के प्रदेश स्तर के नेताओं के भी पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
दरअसल, 15 अगस्त को करेथी गांव स्थित बादशाह सिंह इंटर कॉलेज में तिरंगा यात्रा निकाली जा रही थी। इसी दौरान ‘जय भीम’ का नारा लगाने को लेकर विवाद हो गया था। छात्र की ओर से कॉलेज के एक अध्यापक पर मारपीट और जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने के आरोप लगाए गए थे। मामले में पुलिस को तहरीर भी दी गई थी। इस प्रकरण में नामजद अध्यापक समेत चार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
इसके बाद दूसरे पक्ष की ओर से श्री राजपूत करणी सेना ने 18 अगस्त को करेथी गांव में पंचायत कर भीम आर्मी के सदस्यों पर तिरंगा यात्रा बाधित करने, स्कूल परिसर में गाली-गलौज और मारपीट करने तथा महाराणा प्रताप के अपमान का आरोप लगाया था। करणी सेना की ओर से कोतवाली प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की गई। इस मामले में भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष सुनील कुमार सागर समेत 11 नामजद और अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
अब करणी सेना की पंचायत के बाद भीम आर्मी की ओर से महापंचायत का ऐलान किए जाने से मामला और गर्माता नजर आ रहा है। 15 अगस्त की रैली में ‘जय भीम’ के नारे से शुरू हुआ विवाद अब तिरंगा यात्रा बाधित करने और महाराणा प्रताप के कथित अपमान के आरोपों तक पहुंच गया है। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से प्रशासन और पुलिस के सामने भी शांति व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती बढ़ गई है।
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15 अगस्त में जय भीम के नारे लगाने के प्रकरण में अब आर-पार की लड़ाई होगी। 23 अगस्त को बड़े स्तर पर हम करेथी गांव में पंचायत करेंगे, जिसकी अनुमति प्रशासन से मांगी गई है। लेकिन हम अनुमति का इंतजार नहीं करेंगे। पुलिस ने दबाव में आकर हम लोगों पर जो प्राथमिकी दर्ज की है, वह बिल्कुल गलत है। -सुनील कुमार सागर, जिलाध्यक्ष, भीम आर्मी रामपुर