नोटबंदी के विरोध में भारत बंद का असर कहीं भी नहीं दिखा। व्यापारियों ने भारत बंद की घोषणा को नजरअंदाज करते हुए रोजाना की तरह बाजार खोला। सिविल लाइंस क्षेत्र में साप्ताहिक बंदी को भी नजरअंदाज किया गया और दुकानें खोली गईं। कुछेक मार्केट के दुकानदारों ने नोटबंदी के विरोधियों को जवाब देने के लिए दो घंटे अतिरिक्त दुकानें खोले रखीं।
नोटबंदी के विरोध में विपक्षी दलों ने सोमवार को भारत बंद की घोषणा की थी। घोषणा तो विपक्षी दलों ने कर दी थी, लेकिन बंद कराने के लिए स्थानीय स्तर पर किसी भी राजनीतिक संगठन ने कोई प्रयास नहीं किया। भारत बंद के आह्वान को व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने भी नकार दिया था। उन्होंने भी एक दिन पहले बंद को लेकर कोई घोषणा नहीं की।
लिहाजा सोमवार को रोजाना की तरह बाजार खुला रहा। शहर के मिस्टन गंज, बाजार नसरुल्ला खां, शादाब मार्केट, शाहबाद गेट, नगर पालिका परिषद कार्यालय, राजद्वारा के साथ ही सिविल लाइंस, गुुरुद्वारा रोड, ज्वाला नगर क्षेत्र की दुकानें खुली रहीं। सिविल लाइंस क्षेत्र में सोमवार को साप्ताहिक बंदी रहती है, लेकिन इसके बाद भी दुकानदारों ने बंद को चुनौती देते हुए अपनी दुकानों को खोले रखा। ज्वाला नगर में दुकानदारों ने दो घंटे अतिरिक्त दुकानें खोलने की घोषणा कर दी। दुकानदारों का कहना है कि यहां भारत बंद का कोई असर नहीं था।