रामपुर। दिवाली के मद्देनजर प्रदेश के सभी जिलों के प्रमुख पांच शिव मंदिरों पर भजन, कीर्तन की गूंज रहेगी। इसको लेकर सरकार ने आदेश जारी कर दिए हैं। पांच नवंबर को आयोजित होने वाले इस सामूहिक कार्यक्रम का खर्च भी सरकार उठाएगी। भजन, कीर्तन मंडली को दस हजार रुपये मानदेय देने के साथ ही साफ सफाई करने का जिम्मा नगर पालिकाओं को दिया गया है। प्रत्येक शिव मंदिर पर 15 हजार रुपये से अधिक का खर्च नहीं होगा।
राम नगरी अयोध्या में दीपोत्सव का आयोजन करने के साथ ही अब प्रदेश सरकार की ओर से सभी जिलों में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसका मकसद प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को पेश करने के साथ ही भजन, कीर्तन मंडलियों को प्रोत्साहन एवं संरक्षण देना है। लिहाजा, सरकार ने प्रत्येक जिले के पांच प्रमुख शिव मंदिरों भजन, कीर्तन का आयोजन करने के निर्देश दिए हैं। आयोजन के लिए चिह्नित भजन, कीर्तन मंडलियों के लिए आयोजन स्थल पर साफ सफाई, पेयजल, फ्लेक्स, बैनर आदि का इंतजाम नगर पालिकाओं को करना होगा। इसके अतिरिक्त मंदिर की सजावट, माइक, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा का विशेष इंतजाम किया जाएगा। प्रत्येक कार्यक्रम के लिए भजन, कीर्तन मंडली को दस हजार रुपये मानदेय एवं अन्य खर्चों के लिए पांच हजार रुपये का इंतजाम किया गया है। यह धनराशि सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। कार्यक्रम के आयोजन के बाद सूचना विभाग को कार्यक्रम के फोटो, आख्या आदि संस्कृति विभाग को देनी होगी। अधिशासी अधिकारी डॉ. विवेेकानंद गंगवार ने बताया कि सरकार के आदेशों के मुताबिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। भजन, कीर्तन मंडलियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।