भैया दूज का त्योहार जेल में भी मनाया गया। जेल में बंदियों से उनकी बहनें मिलीं और तिलक किया तो बरबस दोनों की आंखें छलक आईं। बंदियों से मिलने का सिलसिला दिनभर जारी रहा। पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। मिलाई के लिए बहनों को काफी देर तक इंतजार भी करना पड़ा।
जिलेभर में भैया दूज का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जिला जेल में भी भैया दूज का पर्व मनाया गया। जेल में बंद बंदियों से मिलने के लिए उनकी बहनें शुक्रवार सुबह से ही पहुंचनी शुरू हो गई थीं। जेल प्रशासन ने बंदियों से मिलाई का इंतजाम किया था। गेट पर खास तौर से महिला पुलिस बल को तैनात किया था।
यहां पहुंची बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक कर उनके दीर्घायु की कामना की साथ ही उनकी जल्द रिहाई की भी दुआ की। भाई के माथे पर तिलक करने के बाद बहनों ने मिठाई खिलाकर मुंह मीठा किया। इस दौरान बहन-भाइयों की आंखें छलक उठीं। दिनभर जेल में बंदियों से मिलने का सिलसिला चलता रहा।
इस दौरान जेल के बाहर लोगों की भारी भीड़ लगी रही। व्यवस्थित करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कार्यवाहक जेल अधीक्षक आदित्य कुमार सिंह के मुताबिक जेल में शुक्रवार को 787 महिलाएं और 340 बच्चों ने बंदियों से मुलाकात की। 987 पुरुषों ने भी बंदियों से मुलाकात की। मुलाकात पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से हुई।
जेल में बंद महिला बंदियों से मिलने वालों की भीड़ लगी रही। यहां पर महिला बंदियों से उनके भाई मिलने पहुंचे और जेल में ही उन्होंने अपनी बहन से तिलक कराया। इस दौरान महिला बंदियों की भी आंखें छलक आईं। महिला बंदियों से मिलने का सिलसिला भी कई घंटे तक चलता रहा।