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बैरुआ धर्म परिवर्तन प्रकरण : महिला के रिश्तेदार ने मांगी बेटों की कस्टडी

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शाहबाद (रामपुर)। बैरुआ गांव में महिला का धर्म परिवर्तन कर निकाह करने और बच्चों का खतना कराने के मामले में नया मोड़ आ गया है। गुरुद्वारे में रह रही महिला तीन दिन बाद ही अचानक वहां से गायब हो गई। बिन मां के बच्चे अकेले रह गए तो बाल कल्याण समिति ने उन्हें रविवार को शाहजहांपुर के शिशु सदन भेज दिया। अब महिला के रिश्तेदारों ने बेटों की कस्टडी के लिए पुलिस से संपर्क किया है। दूसरी तरफ पुलिस भी महिला की तलाश कर रही है कि वह गुरुद्वारे से कहां और क्यों चली गई।
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उत्तराखंड के बाजपुर निवासी ट्रक चालक की जसपुर सड़क हादसे में मई में मौत हो गई थी। इसके बाद शाहबाद कोतवाली क्षेत्र के बैरुआ गांव निवासी महफूज ने उसकी विधवा पत्नी का धर्म परिवर्तन कराकर निकाह कर लिया था। महिला के संग आए 12 और 10 वर्षीय बेटों का भी धर्म परिवर्तन करवाते हुए उनका खतना करा दिया था। इस प्रकरण में पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ 13 जून को रिपोर्ट दर्ज की थी। प्रकरण में पुलिस मुख्य आरोपी की मां और पिता और खतना करने वाले व्यक्ति को जेल भेज चुकी है। महिला और उसके बेटों को बिलासपुर क्षेत्र के एक गुरुद्वारे में भेजा गया था। जहां पर महिला रहने की इच्छुक नहीं थी और तीन दिन बाद वहां से चली गई। जिस पर उसके बेटे अकेले रह गए। इसके बाद बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष सारिका गोयल ने महिला के दोनों बेटों को रविवार को शाहजहांपुर के शिशु सदन भिजवा दिया। इस बीच अब महिला के एक रिश्तेदार ने अपने परिचित के माध्यम से पुलिस को फोन करवाकर महिला के बेटों की कस्टडी मांगने की बात कही। पुलिस ने कोर्ट के माध्यम से प्रक्रिया पूरी कर कस्टडी लेने की बात कही है। वहीं पुलिस महिला की भी तलाश कर रही है कि वो गुरुद्वारे कहां और क्यों चली गई।
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