रामपुर। प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री रहे बलदेव सिंह औलख भले ही 307 वोटों से चुनाव जीत गए हों, लेकिन उन्हें अपने गांव से ही हार का सामना करना पड़ा। उनके गांव में सपा की जीत हुई। वहीं, भाजपा छोड़कर सपा में गए अमरीश पटेल के गांव से सपा को हार का सामना करना पड़ा, जबकि उनके गांव से भाजपा को बड़ी तादाद में वोट मिले हैं।
विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। जिले में तीन सीटें सपा जीतने में कामयाब रही तो भाजपा दो सीटों पर ही जीत सकी। हालात कुछ ऐसे ही रहे जो 2017 के चुनाव में थे। बूथवार चुनाव परिणाम देखें तो बिलासपुर में चौंकाने वाली स्थिति है। विधायक बलदेव सिंह औलख की ही बात की जाए तो वह प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री थे। यह चुनाव उनके लिए मुश्किल भरा रहा। उनकी राह में कांटे बिछाने वाले विरोधी ही नहीं, बल्कि उनके गांव के लोग भी रहे। मतगणना परिणाम इस ओर इशारा कर रहे हैं कि उन्हें अपने गांव में ही मतदाताओं के विरोध का सामना करना पड़ा है।
बलदेव सिंह औलख भले ही 307 वोटों से चुनाव जीत गए हों, लेकिन उन्हें अपने गांव से ही हार देखने को मिली। उनके मूल गांव शिवनगर के बूथ संख्या 40 पर जहां सपा को 274 वोट मिले हैं, तो उन्हें 265 वोट ही हासिल हो सके हैं। जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन अमरीश पटेल की बात की जाए तो चुनाव से ठीक पहले वह भाजपा छोड़कर सपा में चले गए थे लेकिन, सपा को इसका फायदा नहीं हो सका। अमरीश पटेल के गांव में तीन बूथ हैं, जिनमें किसी भी बूथ पर सपा को जीत नहीं मिल सकी। तीनों बूथों पर भाजपा की जीत हुई है। बूथ संख्या 266 पर भाजपा को 380 और सपा को महज 98 वोट मिले हैं। बूथ संख्या 267 पर भाजपा को 399 वोट मिले तो सपा को महज 153 वोट ही मिले। बूथ संख्या 268 पर भाजपा को 235 वोट मिले, तो सपा महज 172 वोट लेने में ही कामयाब रही।