एक साल से बंद हैं पिता-पुत्र
सपा नेता आजम खां अपने बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ करीब एक साल से जेल में बंद हैं। दो पैन कार्ड मामले में सजा सुनाए जाने के बाद से वह जेल में हैं। जेल में रहने के दौरान सपा नेता ने अपने खिलाफ दर्ज मामलों में मिली जमानत को निरस्त करा दिया था। अब जबकि दो पैन कार्ड मामले में हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद अब पूर्व में निरस्त कराई गई जमानतों को फिर से लेने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
औपचारिकताएं पूरी होना जरूरी
हाईकोर्ट के आदेश के बाद यह प्रक्रिया तेजी पकड़ने लगी है। शुक्रवार को पांच मामलों में रिहाई परवाने जारी कर दिए गए हैं। पांच मामलों में रिहाई के परवाने जारी होने के बाद अब अन्य मुकदमों में भी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार है। करीब 50 से अधिक मामलों में रिहाई परवाने जारी होना बाकी है। ऐसे में सभी मामलों में जमानत और रिहाई से संबंधित औपचारिकताएं पूरी होना जरूरी है।
कब जारी होगा रिहाई का परवाना
उधर, दो पैन कार्ड मामले में आजम खां और अब्दुल्ला आजम को जमानत मिलने के बाद अधिवक्ताओं ने जमानती दाखिल कर दिए हैं। अब जमानतियों के दस्तावेजों का सत्यापन होना बाकी है। प्रपत्रों की जांच पूरी होने और अदालत की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही इस मामले में रिहाई का परवाना जारी हो सकेगा। सपा नेता आजम खां के अधिवक्ता नासिर सुल्तान ने बताया कि पांच मामलों में रिहाई के परवाने जारी कर दिए गए हैं। शेष मामलों में परवाने जारी होने हैं।
ईडी के मुकदमे में पुलिस के प्रार्थना पत्र पर सोमवार को सुनवाई
टांडा थाने में प्रवर्तन निदेशालय की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में पुलिस की ओर से अदालत में प्रार्थना पत्र दिया गया है। इस पर सोमवार को सुनवाई प्रस्तावित है। ईडी के मुकदमे में होने वाली इस सुनवाई को भी आजम खां की रिहाई से जुड़े घटनाक्रम के लिहाज से अहम माना जा रहा है। कोर्ट के रुख के बाद ही इस मामले में आगे की स्थिति साफ होगी।