आजम की बढ़ेंगी मुश्किलें, सीके एसोसिएट्स पर कसेगा शिकंजा
लखनऊ। पूर्व मंत्री आजम खां और उनके परिजनों के जौहर ट्रस्ट की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय ने जौहर विश्वविद्यालय की संपत्तियों को जब्त करने के बाद अब उनके करीबियों की चल-अचल संपत्तियों की पड़ताल भी शुरू कर दी है।
खासकर ट्रस्ट को सबसे ज्यादा चंदा देने वाले सीके एसोसिएट्स के प्रबंध निदेशक पवन कुमार जैन पर कार्रवाई करने की तैयारी है। ईडी ट्रस्ट के खाते में जमा कई नगदी का स्रोत भी पता लगा रही है ताकि मनी लांड्रिंग के तहत आगे की कार्रवाई की जा सके।
अधिकारियों के मुताबिक जौहर विश्वविद्यालय के भूमि और भवन जब्त करने के बाद आगे की कार्रवाई जा रहेगी। दरअसल, जौहर ट्रस्ट को मिले बेशुमार चंदे का हिसाब अभी तक नहीं मिला है। यह भी पता नहीं चला है कि खातों में जमा की गई रकम कहां से आई थी।
ईडी ट्रस्ट को चंदा देने के लिए तमाम संस्थाओं, ठेकेदारों और अधिकारियों व कर्मचारियों पर दबाव डालने के पहलू को भी खंगाल रही है। जांच में यह भी सामने आ रहा है कि कुछ संस्थाओं से चेक के जरिये चंदा तो लिया गया लेकिन बाद में उन्हें नगदी के रूप में रकम वापस की गई। इस तरह ब्लैक मनी को सफेद किया गया।
आयकर विभाग की कार्रवाई बाकी
वहीं दूसरी ओर ईडी के बाद आयकर विभाग भी जौहर ट्रस्ट के खिलाफ कार्रवाई करेगा। आयकर विभाग ने जौहर ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन रद करने के बाद करीब 500 करोड़ रुपये का टैक्स वसूलने के लिए प्रकरण दिल्ली मुख्यालय भेजा है।
जल्द ही इस बाबत आदेश जारी होने के आसार हैं। इसके बाद टैक्स की रकम वसूलने के लिए नोटिस जारी किया जाएगा। टैक्स नहीं देने पर चल-अचल संपत्तियों को जब्त किया जाएगा। जौहर ट्रस्ट मामले की जांच के बाद जौहर विश्वविद्यालय के भवनों एवं भूमि को ईडी द्वारा जब्त करने के बाद भी पूर्व मंत्री आजम खां की मुश्किलें कम होने वाली नहीं हैं।
अब ईडी आजम के करीबी परिजनों, ट्रस्ट के पदाधिकारियों और करीबियों की संपत्तियों को जब्त करेगा। वहीं आयकर विभाग भी ट्रस्ट से 500 करोड़ रुपये टैक्स वसूलेगा। ईडी इन संपत्तियों को भी चिन्हित कर चुका है और जल्द कार्रवाई करने की कवायद में जुटा है।