सोमवार को कोर्ट में आजम खां के लोकसभा चुनाव के दौरान भड़काऊ भाषण देने के मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान गवाह तत्कालीन एडीओ पंचायत चंद्रपाल सिंह गवाही देने के लिए कोर्ट पहुंच गए। उनसे आजम खां के अधिवक्ता ने जिरह की। उनकी जिरह पूूरी नहीं हो सकी है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 20 जून को होगी।
सपा नेता आजम खां द्वारा लोकसभा चुनाव के दौरान भड़काऊ भाषण देने के मामले में सोमवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान गवाही के लिए तत्कालीन एडीओ पंचायत कोर्ट पहुंचे। आजम खां के अधिवक्ता ने उनसे जिरह की। उनकी जिरह पूरी नहीं हो सकी है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 20 जून को होगी।
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सोमवार को इस मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) में हुई। इस दौरान गवाह तत्कालीन एडीओ पंचायत चंद्रपाल सिंह गवाही देने के लिए कोर्ट पहुंच गए। उनसे आजम खां के अधिवक्ता ने जिरह की। उनकी जिरह पूूरी नहीं हो सकी है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 20 जून को होगी।
साल 2019 में सपा नेता आजम खां गठबंधन के लोकसभा प्रत्याशी थे। उन पर आरोप है कि सात अप्रैल 2019 को मिलक कोतवाली क्षेत्र के नगरिया गांव में प्रचार के दौरान उनके द्वारा दो वर्गों में वैमनस्यता पैदा करने के उद्देश्य से भड़काऊ भाषण दिया। जिसका वीडियो वायरल हुआ था। जिस पर मिलक विधानसभा क्षेत्र के वीडियो अवलोकन टीम प्रभारी अनिल कुुमार चौहान ने मिलक थाने में नौ अप्रैल 2019 को मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने विवेचना के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। इस मामले में सपा नेता आजम खां की जमानत कोर्ट द्वारा मंजूर की जा चुकी है और 12 नवंबर 2021 को कोर्ट ने उनके ऊपर आरोप तय कर दिए थे।