प्रदेश के नगर विकास मंत्री मो. आजम खां ने शिवसेना के ताजमहल को तोड़कर भव्य शिव मंदिर बनाए जाने के बयान का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि वो इस काम में शिवसेना का साथ देंगे। वो शिवसेना के साथ फावड़ा चलाएंगे।
उन्होंने आरएसएस को आतंकवादी संगठन घोषित कर प्रतिबंधित करने और आपसी समझौते के आधार पर बाबरी मस्जिद के निर्माण की भी बात कही। कहा कि यदि भाजपा उसी जगह पर बाबरी मस्जिद का निर्माण कराती है तो वो आरएसएस और भाजपा को आश्वस्त करते हैं कि सभी मुसलमान बार-बार भाजपा की सरकार बनवाएंगे।
आजम खां रविवार को अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में दो बड़े सवाल हैं। पहला आरएसएस क्या चाहती है और दूसरा देश का संविधान और कानून क्या कहता है। दिल्ली और बिहार के चुनाव परिणामों के बाद आरएसएस और बीजेपी समझ गई है कि चुनाव के रास्ते वो देश की सत्ता पर काबिज नहीं हो सकते, जब तक कि नफरत का एजेंडा लागू न करें।
इसीलिए एक बार फिर राम मंदिर निर्माण का मुद्दा गर्माया जा रहा है। ताकि देश में छह दिसंबर, तीस अक्तूबर जैसे हादसे हों। उन्होंने कहा कि रामजन्म भूमि-बाबरी मस्जिद विवाद, कृष्ण जन्मभूमि-मथुरा ईदगाह विवाद समेत तीन बड़े विवाद यूपी में ही हैं, जोकि पूरे देश को जला सकते हैं।
इसलिए इन विवादों को आपसी समझौते से ही सुलझाना होगा। उन्होंने कहा कि आरएसएस और बीजेपी चाहते हैं कि बीजेपी की सरकार आगे भी बने तो उन्हें सिर्फ एक छोटा सा काम करना होगा। भाजपा की सरकार बार-बार बनती रहेगी आगर वो उसी जगह पर बाबरी मस्जिद बनवाकर संदेश दे।
उन्होंने कहा कि हालांकि ये मामला कोर्ट में विचाराधीन है, लेकिन आपसी समझौते से होने वाले निर्माण पर कोर्ट को भी कोई आपत्ति नहीं होगी। आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि जो भी व्यक्ति, दल या संगठन देश में नफरत फैलाए उसे आतंकवादी घोषित कर प्रतिबंध लगा दिया जाए।
आरएसएस ने कानून से हटकर एक मांग की है और उसके लिए माहौल बना रही है। आरएसएस को आतंकवादी संगठन घोषित कर प्रतिबंधित कर देना चाहिए। ये राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं है, सिर्फ केंद्र सरकार ही प्रतिबंध लगा सकती है।
सूबे के कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खां ने साक्षी महाराज को बलात्कारी और मोहन भागवत को दोहरी जुबान वाला कहते हुए निशाना साधा। राम मंदिर निर्माण को लेकर साक्षी महाराज के बयान के बाबत कहा कि किसी और का नाम लो बलात्कारी का नाम मत लो। वहीं, मोहन भागवत के लिए कहा कि वो दोहरी जुबान रखते हैं।
जब बीजेपी सत्ता में आई तो उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण से अहम कई सवाल और काम हैं। अभी राजकाज चलाना है और कई अन्य लक्ष्य और बड़े काम हैं जिन्हें करना है। अब वो राम मंदिर निर्माण की बात कर रहे हैं। इसके साथ ही हिंदू महासभा के कमलेश तिवारी के बयान पर कहा कि वो इस तरह की मानसिकता वाले व्यक्ति के बारे में क्या कहें। इसीलिए आरएसएस पर प्रतिबंध की मांग कर रहे हैं।