वहीं, दूसरी ओर साल 2019 में सपा नेता आजम खां, सेवानिवृत्त सीओ आले हसन, सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल और इस्लाम ठेकेदार समेत 20-25 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। जिसमें आरोप था कि सपा नेता आजम खां के इशारे पर यतीमखाना बस्ती में रह रहे लोगों के साथ मारपीट, लूटपाट की गई। साथ ही उनके घरों को भी ध्वस्त कर दिया गया था। इस प्रकरण में 12 मुकदमे दर्ज किए गए थे। इन मामलों में भी आजम खां की जमानत मंजूर हो चुकी है।
शुक्रवार को एमपी-एमएलए कोर्ट (सेशन ट्रायल) में दोनों प्रकरण में दर्ज मामलों की सुनवाई हुई। इस दौरान सपा नेता आजम खां सहित सभी आरोपी कोर्ट में पेश हुए। सुनवाई में कोर्ट ने डूंगरपुर प्रकरण के तीनों और यतीमखाना प्रकरण के एक मामले में आरोप तय कर दिए हैं। साथ ही कोर्ट ने गवाहों को तलब कर लिया है। अब कोर्ट इन मामलों में 20, 21, 22 और 25 जुलाई को सुनवाई करेगी। कोर्ट कार्यवाही के दौरान अब्दुल्ला आजम भी मौजूद रहे।
एंबुलेंस से कोर्ट पहुंचा एक आरोपी
डूंगरपुर बस्ती प्रकरण में आरोपी जिबरान एंबुलेंस से कोर्ट परिसर में पहुंचा, लेकिन उसकी सेहत खराब होने के कारण वह एंबुलेंस में ही रहा। जहां पर पत्रावलियों पर उसके हस्ताक्षर हुए। इसके बाद वह चला गया।
यशवंत सिन्हा की जीत को लेकर पूछे गए सवाल पर आजम ने कसा तंज
आजम खां ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष के प्रत्याशी यशवंत सिन्हा की जीत को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि हम भी यह ख्वाब देख रहे हैं, लेकिन यह जरूरी नहीं कि हर ख्वाब सच ही हो जाए।