आजम खां के खिलाफ मिलक कोतवाली में दर्ज नफरती भाषण देने के मुकदमे की सुनवाई करते हुए एमपी-एमएलए (मजिस्ट्रेट ट्रायल) कोर्ट ने 27 अक्तूबर को आजम खां को तीन साल की कैद और छह हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई थी।
नफरती भाषण देने के मामले में एमपी-एमएलए (मजिट्रेट ट्रायल) कोर्ट से सुनाई गई सजा के खिलाफ आजम खां ने सेशन कोर्ट में अपील दाखिल की है। इस मामले की बुधवार को आजम खां कोर्ट में पेश हुए और उनके अधिवक्ता ने अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने का प्रार्थनापत्र दाखिल किया। कोर्ट ने इसे स्वीकार करते हुए आजम खां को 22 नवंबर तक के लिए अंतरिम जमानत दे दी है।
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आजम खां के खिलाफ मिलक कोतवाली में दर्ज नफरती भाषण देने के मुकदमे की सुनवाई करते हुए एमपी-एमएलए (मजिस्ट्रेट ट्रायल) कोर्ट ने 27 अक्तूबर को आजम खां को तीन साल की कैद और छह हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई थी। इसके बाद उनको अपील दाखिल करने तक के लिए अंतरिम जमानत प्रदान कर दी गई थी। इस फैसले के खिलाफ 9 नवंबर को सपा नेता आजम खां ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जिला जज की कोर्ट में अपील दाखिल की थी। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए आजम खां की अपील को स्वीकार कर लिया और उनको 16 नवंबर तक के लिए अंतरिम जमानत प्रदान कर दी गई।
बुधवार को आजम खां कोर्ट में पेश हुए और उनके अधिवक्ता की ओर से अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने के लिए प्रार्थनापत्र दाखिल किया गया। कोर्ट ने प्रार्थनापत्र को स्वीकार करते सपा नेता आजम खां को 22 नवंबर तक के लिए अंतरिम जमानत प्रदान कर दी है।