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Rampur News: दो पैन कार्ड मामले में आजम खां व अब्दुल्ला आजम को झटका, सजा के खिलाफ दायर अपील खारिज

Tue, 21 Apr 2026 01:14 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
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रामपुर। सपा नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड मामले में सुनाई गई सजा के खिलाफ दायर अपील को एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने खारिज कर दिया है। फिलहाल उनकी सजा बरकरार रहेगी। इस बीच कोर्ट अभियोजन और पूर्व मंत्री नवेद मियां की ओर से सजा बढ़ाए जाने के मामले में दाखिल अपील पर अलग से सुनवाई करेगी। इस मामले की सुनवाई 30 अप्रैल को होगी।
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सपा नेता अब्दुल्ला आजम के दो पैन कार्ड मामले में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पिछले दिनों आजम खां और अब्दुल्ला आजम को सात-सात साल की कैद व 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इस मामले में बचाव पक्ष की ओर से सजा के खिलाफ और अभियोजन की ओर से सजा बढ़ाए जाने को लेकर एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में अपील दायर की गई है। पिछले दिनों इस मामले की अपील पर सुनवाई पूरी हो गई थी।
इस मामले में एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट की ओर से सोमवार को फैसला सुनाया गया। कोर्ट में सुनवाई के बाद एडीजीसी सीमा राणा ने बताया कि एमपी-एमएलए सेशन विजय कुमार की कोर्ट ने आजम खां व अब्दुल्ला आजम की सजा के खिलाफ दायर अपील को खारिज कर दिया है। बताया कि इस मामले में अभियोजन की ओर से सजा बढ़ाए जाने की अपील दायर की गई थी। फिलहाल बचाव पक्ष अब हाईकोर्ट का रुख करने की तैयारी कर रहा है।
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सजा बढ़ाए जाने के मामले में 30 अप्रैल को सुनवाई
इसके अलावा हाईकोर्ट ने भी पूर्व मंत्री नवेद मियां की ओर से सजा बढ़ाए जाने के मामले में दायर अपील पर सुनवाई करने के आदेश दिए हैं। इन दोनों अपीलों पर अब अलग से सुनवाई होगी। इस मामले की सुनवाई 30 अप्रैल को होगी। फिलहाल आजम और अब्दुल्ला की अपील को खारिज कर दिया गया है।


17 नवंबर से रामपुर जेल में बंद हैं आजम खां और अब्दुल्ला आजम

संवाद न्यूज एजेंसी

रामपुर। सपा नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड मामले में एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 17 नवंबर को दोषी करार दिया था। इस मामले में कोर्ट ने दोनों को सात-सात साल की सजा व 50-50 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई थी। इस फैसले के बाद पिता-पुत्र को 17 नवंबर 2025 को जेल भेज दिया था। तब से वह रामपुर जेल में ही बंद हैं।
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अब हाईकोर्ट की शरण लेंगे सपा नेता
रामपुर। एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने आजम अब्दुल्ला आजम को झटका दिया है। दोनों ने सजा बढ़ाने के खिलाफ अपील दायर की थी,लेकिन यहां से उनको झटका लगा है। इस मामले में बचाव पक्ष अब हाईकोर्ट का रुख करने की तैयारी कर रहा है।
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दो अपील बढ़ाएंगी पिता-पुत्र की मुश्किलें
रामपुर। आजम खां और अब्दुल्ला आजम की सजा के खिलाफ दायर अपील तो खारिज हो गई है, साथ ही उनकी मुश्किलें अभी और बढ़ सकती हैं क्योंकि पिता-पुत्र की सजा बढ़ाने के लिए अभियोजन की ओर से पहले ही अपील पर सुनवाई विचाराधीन है। अब पूर्व मंत्री नवेद मियां द्वारा दाखिल अपील ने भी आजम की मुश्किलों को बढ़ा दिया है। दरअसल अभियोजन की सजा बढ़ाने की अपील के साथ ही पूर्व मंत्री नवेद मियां ने भी सेशन कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। इसमें उनका पक्ष भी इस मामले में सुने जाने को कहा था, लेकिन कोर्ट ने उनका प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया था। इस पर पूर्व मंत्री ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। हाईकोर्ट ने पूर्व मंत्री का भी पक्ष सुनने के आदेश दिए हैं,जिसके बाद अब सजा बढ़ाने की अपील पर सभी की नजर टिक गई है। यह अपील आजम और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की मुश्किलों को बढ़ा सकती है।
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यह है मामला
यह मामला साल 2019 में शुरू हुआ था, जब शहर विधायक आकाश सक्सेना ने मुकदमा दर्ज कराया था। उनका आरोप था कि अब्दुल्ला आजम ने अलग-अलग जन्म तिथियों का उपयोग करके दो अलग-अलग पैन कार्ड बनवाए थे। पुलिस ने मामले की विवेचना कर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया था कि इस पूरे फर्जीवाड़े में अब्दुल्ला आजम के पिता और पूर्व मंत्री आजम खां की भूमिका अहम थी। इस मामले में 17 नवंबर 2025 को एमपी-एमएलए कोर्ट ने दोनों पिता-पुत्र को दोषी करार देते हुए सात- सात साल के कारावास और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। जिसके बाद आजम खां और अब्दुल्ला आजम ने 25 नवंबर 2025 को निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए सेशन कोर्ट में याचिका दायर की थी।

बचाव पक्ष की दलीलों को माना अपर्याप्त
रामपुर। शहर विधायक के निजी अधिवक्ता का कहना है कि कोर्ट आजम खां और अब्दुल्ला आजम की दलीलों को अपर्याप्त माना इसलिए अपील को खारिज कर दिया गया।
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आकाश बोले: कोर्ट का फैसला ऐतिहासिक
रामपुर। सपा नेता आजम खां व उनके पुत्र अब्दुल्ला आजम की अपील को खारिज किए जाने के फैसले पर इस मुकदमे के वादी एवं शहर विधायक आकाश सक्सेना ने कहा कि एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में सोमवार को जो फैसला सुनाया है वह काफी ऐतिहासिक है। कहा कि यह सत्य की जीत है।

कोर्ट का फैसला मान्य:अजय
रामपुर। सपा जिलाध्यक्ष अजय सागर ने सपा नेता आजम खां और अब्दुल्ला आजम की अपील खारिज होने के फैसले पर कहा कि कोर्ट का आदेश मान्य है। जो भी फैसला दिया है वह ठीक है। अब आगे की कानूनी संभावनाओं पर पर विचार किया जाएगा।
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