प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खां ने कहा कि देश में फासिज्म के बढ़ते खतरे को महसूस किए जाने की आवश्यकता है। आरएसएस की सोच से नुकसान अल्पसंख्यकों को ही होगा। इससे मुसलमानों के मुकाबले सिखों को खतरा ज्यादा है। क्योंकि आरएसएस की सोच सिखों के अलग अस्तित्व को सिरे से खारिज करती है।
आरोप लगाया कि ये लोग संविधान को खत्म कर देना चाहते हैं। ऐसे में सभी धर्मों पर संकट होगा। धर्म एक ही होगा जो आरएसएस चाहती है। आजम रविवार को गुरु तेग बहादुर के शहीदी पर्व पर गुरुद्वारा संत भाईजी बाबा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। केंद्र में जब से भाजपा की सरकार आई है, देश का माहौल खराब हो रहा है।
कहीं श्री गुरुग्रंथ साहिब के पावन स्वरूप के साथ बेअदबी की जाती है, तो कहीं मोहम्मद साहब की शान में गुस्ताखी की जाती है। अब अच्छे दिन नहीं है, हमें ऐसे तत्वों से सावधान रहना होगा। उन्होंने कहा कि राम का मंदिर बनाने के नाम पर जो करोड़ों रुपये का चंदा मिला है, इसका हिसाब तो देना पड़ेगा। राम हमारे भी तो थे।
गाय के नाम पर राजनीति करने वालों ने बीफ के निर्यातक से 200 करोड़ रुपये का चेक लिया है। इसका हिसाब भी देना होगा। हिंदुस्तान में सहनशीलता में कमी आई है। ऐसा हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दोस्त और दुनिया के सबसे ताकतवर व्यक्ति अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा का कहना है।