नई जेल के निर्माण के प्रोेजेक्ट के साथ ही सपा शासन में सूबे के कद्दावर मंत्री रहे आजम खां के एक और ड्रीम प्रोजेक्ट पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। करोड़ों रुपये से बनाए जा रहे स्पोर्ट्स कांप्लेक्स के निर्माण पर मौजूदा सरकार के खेल मंत्री चेतन चौहान ने औचित्यहीन करार दिए जाने के बाद इस प्रोजेक्ट के भविष्य पर तलवार लटक गई है।
समाजवादी सरकार में सूबे के कद्दावर मंत्री रह चुके आजम खां रामपुर में स्पोर्ट्स कांप्लेक्स बनवा रहे हैं। स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में ही हाकी, क्रिकेट, एथलेटिक्स के साथ ही इंडोर गेम्स एक ही स्टेडियम कराने के लिहाज देश का सबसे बड़ा स्पोर्ट्स कांप्लेक्स बनवाने का फैसला लिया गया था। इसके बाद इस प्रोजेक्ट को शासन की ओर से मंजूरी दे दी गई थी। जौहर यूनिवर्सिटी के करीब सींगनखेड़ा में बनाए जा रहे स्पोर्ट्स कांप्लेक्स के लिए अब तक करीब 1.22 अरब का प्रोजेक्ट स्वीकृत हो चुका है। आठ करोड़ का प्रोजेक्ट का प्रस्ताव पिछले दिनों भेजा जा चुका है। यानि कि कुल अब तक 1.30 अरब की लागत से तैयार होने वाले इस प्रोजेक्ट के पहले चरण में एस्ट्रोटर्फ युक्त हाकी स्टेडियम ही तैयार हो पाया है। सरकारी तंत्र की सुस्ती के चलते यह प्रोजेक्ट दो साल बाद भी चालू नहीं हो सका है।
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अब सरकार बदल चुकी है और पूर्व सरकार के फैसलों की समीक्षा भी शुरू हो गई है। योगी सरकार आने के बाद उनकी कैबिनेट में खेल मंत्री की जिम्मेदारी संभालने वाले चेतन चौहान ने सवाल उठाए थे।
उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान इसके रामपुर खासतौर से जौहर यूनिवर्सिटी के पास कराए जा रहे निर्माण को ही औचित्यहीन करार दिया है। कहा था कि यह स्टेडियम सिर्फ यूनिवर्सिटी को निजी तौर पर फायदा पहुंचाने के लिए बनाया जा रहा है। फिलहाल इस प्रोजेक्ट को लेकर सवाल उठने के बाद संकट के बादल मंडराने लगे हैं। सरकार आगे क्या फैसला लेती है यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा लेकिन इस बयान के बाद सपा खेमे में खलबली मची है।