रामपुर। सांसद आजम खां ने कहा है कि हमारे साथ बहुत ही अमानवीय व्यवहार हुआ, जस्ट लाइक टेररिस्ट। आजम खां ने यह बात शनिवार को सीतापुर से रामपुर के लिए रवाना होते वक्त कही। हालांकि रामपुर पहुंचने के बाद उन्होंने खुलकर कुछ नहीं बोला। पत्रकारों से पूछने पर कहा कि हमें कुछ नहीं कहना है। हालांकि पुलिस ने उनको पत्रकारों से रूबरू होने का वक्त भी नहीं दिया।
सांसद आजम खां पर लगभग 85 मुकदमे दर्ज हैं। गैर जमानतीय वारंट और कुर्की का आदेश जारी होेने के बाद आजम खां ने अपनी पत्नी और बेटे से बुधवार को कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। कोर्ट ने उनको न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। जेल प्रशासन ने उनको गुरुवार को सीतापुर की जेल भेज दिया था। शनिवार की सुबह उनको कोर्ट के आदेश पर सीतापुर से रामपुर लाया गया। सीतापुर जेल से रामपुर जाते वक्त सपा सांसद आजम खां ने मीडिया से बातचीत करने की कोशिश की। पुलिस ने उनको बातचीत करने की इजाजत नहीं दी, लेकिन चलती गाड़ी से आजम ने इतना जरूर कहा कि हमारे साथ बहुत अमानवीय व्यवहार हुआ, जस्ट लाइक टेररिस्ट। हालांकि दोपहर के वक्त आजम खां जब रामपुर में अदालत परिसर के गेट पर पहुंचे तो पत्रकारों से उनसे कुछ पूछना चाहा तो उन्होंने कहा कि हमें कुछ नहीं कहना है। हालांकि पुलिस ने उनको पत्रकारों से बातचीत करने का मौका भी नहीं दिया। इससे पहले आजम खां की पुत्र वधू सिदरा ने भी जेल में अपने सास-ससुर के सामने आ रही परेशानियों का जिक्र किया था। सिदरा ने कहा था कि उनके सास-ससुर बुजुर्ग और बीमार हैं उनके खाने-पीने का इलाज की समुचित व्यवस्था नहीं की जा रही है।